विज्ञापन

चीयर्स! भारत-न्यूजीलैंड FTA से शराब शौकीनों के लिए बड़ा सरप्राइज, अब कम दामों में मिलेगी बेहतरीन वाइन

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए FTA से वाइन पर आयात शुल्क घटेगा, जिससे दिल्ली-NCR में न्यूजीलैंड की प्रसिद्ध वाइन सस्ती होंगी और भारतीय व्यंजनों के साथ इनका नया दौर शुरू होगा.

चीयर्स! भारत-न्यूजीलैंड FTA से शराब शौकीनों के लिए बड़ा सरप्राइज, अब कम दामों में मिलेगी बेहतरीन वाइन
  • भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA से अगले 10 साल में में न्यूजीलैंड वाइन पर इंपोर्ट ड्यूटी में आएगी
  • भारत में शराब के शौकीनों को न्यूजीलैंड वाइन सस्ती और ज्यादा उपलब्ध होगी
  • विशेषज्ञों का मानना है कि 10 साल की अवधि से पहले भी वाइन की कीमतों में गिरावट और ग्राहकों को फायदा मिलने लगेगा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए नए व्यापार समझौते (FTA) ने वाइन प्रेमियों के लिए 'अच्छे दिन' आने के संकेत दिए हैं. समझौते के तहत अगले 10 सालों में न्यूजीलैंड से आने वाली वाइन पर इंपोर्ट ड्यूटी को 150% से घटाकर 83% और फिर 66% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है. यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत और न्यूजीलैंड दोनों के लिए ही बेहद खास होने जा रहा है.

शराब कारोबारी जता रहे खुशी

इस FTA को लेकर शराब और रेस्टोरेंट कारोबारी खुश हैं. दिल्ली के 'निसाबा' रेस्टोरेंट से जुड़े शुभम उपाध्याय का मानना है कि कि दुनिया भर की 98 वाइन की उनकी फेवरेट लिस्ट में शामिल न्यूजीलैंड की सात वाइन अगले दो-तीन सालों में सस्ती हो जाएंगी और ग्राहक इन्हें ज्यादा पसंद करेंगे.

क्या 10 साल का इंतजार करना पड़ेगा?

लेकिन क्या प्रस्तावित ड्यूटी में कटौती के फायदे ग्राहकों तक पहुंचने के लिए दस साल का इंतजार करना पड़ेगा? भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) के असर का जिक्र करते हुए, सोमेलियर और कॉर्पोरेट ट्रेनर गगन शर्मा ने कहा कि यह समझौता 2022 में हुआ था और वाइन पर ड्यूटी में कटौती भी इसी तरह की समय-सीमा में होनी थी, फिर भी रेस्टोरेंट के मेन्यू में कीमतों में गिरावट अभी से दिखने लगी है. शर्मा कहते हैं किन्यूजीलैंड की वाइन की कीमतों पर भी कुछ ही सालों में असर दिखेगा.

Latest and Breaking News on NDTV
निसाबा के कई पुरस्कार जीत चुके शेफ मनीष मेहरोत्रा ने इसकी वजह भी बताई. मेहरोत्रा के मेन्यू में न्यूजीलैंड की 'सौविग्नॉन ब्लैंक' वाइन हमेशा से शामिल रही है. उनका कहना है कि 'सौविग्नॉन ब्लैंक'या 'सौव ब्लैंक'ताजा होती है, यह उस देश की साफ-सुथरी हवा का कमाल है. इसमें हल्की खटास होती है जो घी, मक्खन और मसालों के स्वाद को संतुलित करने में मदद करती है और यह हल्की मीठी होती है. ये तीनों ही खूबियां किसी भी वाइन को भारतीय खाने के साथ बहुत अच्छी तरह से मेल खाने में मदद करती हैं.

गर्मियों के लिए बेहतरीन

इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि यह गर्मियों के महीनों के लिए सबसे बेहतरीन है. ऐसे समय में जब मीडिया में इस बात की चर्चा जोंरों पर है कि 'अल नीनो इफेक्ट' की वजह से हमें आने वाले महीनों में भीषण गर्मी का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, तब यह वाइन एक बड़ी राहत बनकर सामने आती है. न्यूज़ीलैंड की 'सौव ब्लैंक' वाइन खास तौर पर वहां के 'मार्लबोरो' वाइन क्षेत्र की वाइन के साथ खाने के लिए शेफ की सबसे पसंदीदा चीज है- चाट. चाहे वह आम भल्ला पापड़ी चाट हो या पार्टियों की जान पालक पत्ता चाट, आपके लिए एकदम सही जोड़ी मौजूद है. कहा भी जाता है कि वाइन की जोड़ियां सिर्फ खाने के शौकीन लोगों के लिए होती हैं.

दिल्ली के ताज महल होटल के रेस्टोरेंट मैनेजर और सोमेलियर अभिरूप डे का कहना है कि न्यूजीलैंड की 'सौव ब्लैंक' वाइन, होटल के पैन-इंडियन रेस्टोरेंट 'वरक' में मिलने वाली त्रिफल स्पाइस्ड पैन-सियर्ड चिलीयन सी बास के साथ एकदम सही बैठती है. त्रिफल काली मिर्च की एक किस्म है जो कोंकण तट और गोवा में काफी मशहूर है. न्यूजीलैंड की सौव ब्लैंक वाइन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारतीय और चीनी, दोनों तरह के खाने के साथ अच्छी लगती है.  FTA को लेकर अभिरूप डे ने आगे कहा कि न्यूजीलैंड की वाइन की ज्यदा कीमतें ग्राहकों के लिए एक बड़ी रुकावट रही हैं, इसलिए कीमतों में किसी भी तरह की गिरावट से न सिर्फ न्यूजीलैंड की वाइन में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी, बल्कि उनके मेहमान भी अलग-अलग तरह की वाइन और बुटीक लेबल आजमाने के लिए ज्यादा तैयार होंगे.

उदाहरण के लिए न्यूजीलैंड की 'पिनो नोयर' वाइन में लोगों की काफी दिलचस्पी देखने को मिली है. यह एक रेड वाइन है जिसे आम तौर पर फ़्रांस के बरगंडी इलाके से जोड़ा जाता है. हालांकि न्यूजीलैंड की यह वाइन अपने फ्रांसीसी हमनाम के मुकाबले हल्की और ज्यादा फलों के स्वाद वाली होती है.

Latest and Breaking News on NDTV

एक्सपर्ट्स को भी पसंद है न्यूजीलैंड की वाइन

दिल्ली वाइन क्लब के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष अरोड़ा ने गुड़गांव के बैग रेस्टोरेंट में किए गए एक डिनर को याद करते हुए कहा कि यह एक मॉडर्न थाई रेस्टोरेंट है जिसे मिशेलिन टू-स्टार शेफ गरिमा अरोड़ा ने शुरू किया है. वहां उन्होंने न्यूजीलैंड के ओटागो वाइन क्षेत्र की 'पिनो नोयर' वाइन का आनंद लिया. यह क्षेत्र न्यूजीलैंड के एकदम दक्षिणी छोर पर स्थित है और अंटार्कटिका के सबसे करीब पड़ता है. अरोड़ा ने कहा कि वहां मौजूद दूसरे विकल्पों के मुकाबले उन्होंने 'पिनो नोयर' को ही चुना.

मेहरौली स्थित 'ऑलिव बार एंड किचन' के मेन्यू में शामिल 'पिनो नोयर' वाइन के बारे में बात करते हुए रेस्टोरेंट के एग्जीक्यूटिव शेफ ध्रुव ओबेरॉय ने बताया कि यह उनकी 'निलाह चीज सूफ्ले' के साथ एकदम सही जोड़ी बनाती है. इस सूफ्ले का मुख्य तत्व 'ब्लू चीज' है, जो इंग्लिश 'स्टिल्टन' चीज से प्रेरित है. यह चीज 'एलेफथेरिया' नामक एक कारीगर चीज निर्माता द्वारा बनाई जाती है. एलेफथेरिया हाल ही में काफी चर्चा में रही है, क्योंकि उसने ब्राजील में आयोजित एक प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता में 'सुपर गोल्ड' और दो गोल्ड मेडल जीते हैं. इस उपलब्धि का ज़िक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किया था.

न्यूजीलैंड की 'पिनो नोयर' वाइन के साथ सबसे अच्छी जोड़ी चुनने के मामले में, मेहरात्रा की पसंद में भी 'ब्लू चीज' का नाम एक बार फिर सामने आता है. यह उनका मशहूर मटन सीख कबाब है, जिसमें बटर और ब्लू चीज का इस्तेमाल किया गया है. शेफ का कहना है कि पिनो नोयर, बटर और ब्लू चीज के स्वाद को और भी ज्यादा उभारता है.

FTA से न्यूजीलैंड की वाइन में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ने की पूरी उम्मीद है. निसाबा के  सोमेलियर शुभम के लिए, इसका मतलब यह होगा कि वाइन के शौकीन लोग न्यूजीलैंड के उन वाइन क्षेत्रों के बारे में जान पाएंगे जिनके बारे में कम लोग जानते हैं. FTA की शुरुआत करने का यह एक बेहतरीन तरीका लगता है.

यह भी पढ़ें: भारत-न्‍यूजीलैंड ने साइन की ऐतिहासिक डील... महंगे फल, वाइन, सीफूड हो जाएंगे सस्‍ते, ऐसे बढ़ेगा रोजगार

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com