विज्ञापन

जब पूरी दुनिया में तेल का संकट, तो भारत में क्यों नहीं आई किल्लत? पेट्रोलियम मंत्री ने बताई सरकार की पूरी स्ट्रेटजी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान भारत ने ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोत 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक कर लिए. सरकार ने ईंधन कीमतों का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डालने के बजाय राजकोषीय स्तर पर झटका झेला.

जब पूरी दुनिया में तेल का संकट, तो भारत में क्यों नहीं आई किल्लत? पेट्रोलियम मंत्री ने बताई सरकार की पूरी स्ट्रेटजी
  • भारत ने वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान कच्चे तेल की आपूर्ति को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक विस्तृत किया.
  • सरकार ने ऊर्जा संकट में उपभोक्ताओं पर सीधे कीमतों का असर डालने के बजाय राजकोषीय स्तर पर वित्तीय दबाव सहा है.
  • भारत ने घरेलू LPG उत्पादन में 60% वृद्धि करते हुए उत्पादन को 36 हजार से 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन किया है.
नई दिल्ली:

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत ने कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों का दायरा 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने कीमतों का झटका सीधे उपभोक्ताओं पर डालने के बजाय राजकोषीय स्तर पर उसे समाहित किया.

'सरकार ने झेला घाटा'

दक्षिण गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में संबोधन के दौरान पुरी ने कहा, 'इस ऊर्जा संकट में भारत में जो कुछ भी हुआ, वह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि सरकार ने उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालने के बजाय वित्तीय प्रणाली के स्तर पर झटका झेला.'

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक की दीर्घकालिक तैयारी इस संकट के समय काम आई. उन्होंने कहा, 'हमने अपने स्रोतों में विविधता लाई. कच्चे तेल की सोर्सिंग 27 देशों से बढ़कर अब 41 देशों तक पहुंच गई है.' आपूर्ति विविधीकरण का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि भारत ने मध्य-पूर्व के अलावा अमेरिका, नॉर्वे और अल्जीरिया जैसे देशों से भी एलपीजी की खरीद शुरू की. साथ ही, घरेलू उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों के तहत रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए.

LPG उत्पादन में हुई बढ़ोतरी

पुरी ने कहा, 'हमने घरेलू एलपीजी उत्पादन में 60 प्रतिशत की वृद्धि की. 36,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन.' उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा उपभोग के पैटर्न में बदलाव आ रहा है. कुल दैनिक खपत 90,000 तक थी, जिसे हमने कम किया क्योंकि हम एलपीजी से एलएनजी यानी पाइप्ड गैस की ओर बढ़ रहे हैं और प्राकृतिक गैस को बढ़ावा दे रहे हैं.

संकट प्रबंधन पर उन्होंने ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कंपनियों, मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के बीच एक समन्वित प्रयास था. उन्होंने कहा, 'एलपीजी ले जाने वाले भारत के अधिकतम जहाज होर्मुज से सुरक्षित निकाले गए.'

उपभोक्ताओं को बढ़ती वैश्विक कीमतों से बचाने के कदमों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के दौरान तेल विपणन कंपनियों ने अंडर-रिकवरी वहन की, जो सामान्यतः खुदरा कीमतों में सीधे इजाफे का कारण बनती. पुरी ने कहा, 'आबकारी शुल्क में कटौती की गई, निर्यात लेवी का इस्तेमाल किया गया ताकि भारतीय उत्पाद भारतीय बाजारों में ही रहें.

वर्तमान ईंधन कीमतों का हवाला देते हुए पुरी ने बताया कि अप्रैल के अंत तक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है. उन्होंने कहा कि 33 करोड़ रसोईघरों में चूल्हा जलता रहे, इसके लिए सोच-समझकर आवंटन किया गया. साथ ही उन्होंने जोड़ा कि आज वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतें संकट-पूर्व स्तर के लगभग 70 प्रतिशत पर हैं, जिसमें स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डाइंग, केमिकल और प्लास्टिक जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है.

लेखक के बारे में
img
Satyam Baghel
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Petroleum Sources, Hardeep Puri Address, Hardeep Puri, Hardeep Puri Petroleum Minister, Middle East Oil Crisis Impact India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com