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ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच भारत की 'एनर्जी डिप्लोमेसी', जयशंकर ने यूएई के राष्ट्रपति से की मुलाकात

ईरान-अमेरिका के सीजफायर के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात कर तेल-गैस की आपूर्ति बहाल करने और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा की.

ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच भारत की 'एनर्जी डिप्लोमेसी', जयशंकर ने यूएई के राष्ट्रपति से की मुलाकात
  • मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध के कारण तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई हैं
  • भारत ने युद्धविराम के बीच पश्चिम एशियाई देशों से तेल और गैस आयात बहाल करने के लिए कूटनीति शुरू की है
  • जयशंकर ने UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात कर द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग और सुरक्षा पर चर्चा की
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मध्य पूर्व एशिया में 40 दिन तक चले युद्ध की वजह से तेल और गैस की ग्लोबल सप्लाई चेन्स बुरी तरह से प्रभावित हुई है. इस क्षेत्र में रह रहे एक करोड़ से अधिक भारतीय समुदाय को भी कई तरह की सुरक्षा, ट्रेवल और रोज़गार से जुड़ी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है. अब दो हफ्ते के युद्धविराम के दौरान भारत ने पश्चिम एशिया के देशों से तेल और गैस आयात फिर से बहाल करने के लिए विशेष एनर्जी डिप्लोमेसी शुरू की है. भारत ने मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादक देशों, विशेष रूप से सऊदी अरब, कतर और यूएई के साथ सीधा कूटनीतिक संपर्क स्थापित किया है.

विदेश मंत्री ने की UAE के राष्ट्रपति से मुलाकात

इस विशेष पहल के तहत विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की. भारत की ऊर्जा सुरक्षा में संयुक्त अरब अमीरात के बेहद अहम योगदान है. अबू धाबी में हुई इस अहम मुलाकात के बाद एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर कहा, 'आज अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात करना अत्यंत सम्मान की बात है. मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं और पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया. व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद.'

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भारत का रणनीतिक साझेदार है UAE

पश्चिम एशिया में संयुक्त अरब अमीरात भारत का एक विश्वसनीय स्ट्रैटिजिक पार्टनर है. भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और नेचुरल गैस UAE से आयात करता है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार साल 2024-25 के दौरान 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था. अब दोनों देशों ने इसी साल जनवरी में 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

हरदीप पुरी ने भी किया था कतर का दौरा

इससे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कतर का दौरा किया था. पेट्रोलियम मंत्री के दौरे के दौरान तर के ऊर्जा कार्य राज्य मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने एक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बने रहने के लिए तर देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और भारत के साथ ऊर्जा संबंधों और सहयोग को जारी रखने तथा उसे और मजबूत करने की उम्मीद जताई.

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भारत अपनी जरूरत का करीब 50 फीसदी LNG अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात करता है. भारत के कुल LNG आयात का करीब 40% LNG स्टॉक कतर से आयात किया जाता है. यानी, भारत के कुल LNG आयात का करीब 20% स्टॉक भारत कतर से खरीदता है.

मध्यपूर्व एशिया में युद्ध के दौरान वहां के कई बड़े नेचुरल गैस प्लांट्स पर ईरान ने मिसाइलों से हमला किया जिसके बाद वहां प्रोडक्शन रोकना पड़ा. कतर सरकार द्वारा वहां की बड़ी नेचुरल गैस प्रोडक्शन प्लांट्स को बंद करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रूट बाधित होने की वजह से भारत को LNG की सप्लाई बुरी तरह से बाधित हुई है.

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, "दोनों मंत्रियों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान को जल्द से जल्द समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के महत्व पर बल दिया. इस संदर्भ में, उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखने के लिए निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार प्रवाह की आवश्यकता पर बल दिया". जाहिर है, इन अहम राजनयिक दौरों के ज़रिये भारत ने पश्चिम एशिया में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को जल्दी बहाल करने के लिए पहल तेज कर दी है.

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