विज्ञापन

हॉर्मुज स्ट्रेट और मिडिल ईस्ट पर 20 मिनट जापान से भारत ने क्या बात की?

भारत और जापान के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट और मिडिल ईस्ट तनाव पर 20 मिनट तक हुई अहम बातचीत.

हॉर्मुज स्ट्रेट और मिडिल ईस्ट पर 20 मिनट जापान से भारत ने क्या बात की?
विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी
X @moteging
  • भारत और जापान के विदेश मंत्रियों के बीच 20 मिनट की अहम बातचीत हुई.
  • चर्चा मिडिल ईस्ट तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग सुरक्षा पर हुई.
  • इस दौरान दोनों देशों ने ऊर्जा सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

नई दिल्ली में एक अहम कूटनीतिक बातचीत हुई, जहां भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के बीच करीब 20 मिनट तक चर्चा हुई. इस बातचीत का मुख्य फोकस पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रहा. भारत और जापान के बीच यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस तनाव का असर सिर्फ इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई और व्यापार पर भी पड़ रहा है, खासकर हॉर्मुज स्ट्रेट के कारण.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. उन्होंने बताया कि बातचीत में पश्चिम एशिया के हालात, खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई. जयशंकर ने यह भी कहा कि जापान की ओर से भारत के उन नागरिकों के लिए संवेदना जताई गई, जिनकी जान इस संघर्ष में गई.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: X @moteging

जापान के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए एलान का स्वागत किया. दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच कई हफ्तों से चल रहे तनाव के बाद दो हफ्ते का सीजफायर घोषित किया गया है.

जापान के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सबसे जरूरी है हालात को और बिगड़ने से रोका जाए. खास तौर पर हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के जरिए जल्द ही स्थायी समाधान निकल सकता है. वहीं भारत की तरफ से भी साफ किया गया कि वह जापान के साथ मिलकर हालात को शांत करने की दिशा में काम करता रहेगा. जयशंकर ने कहा कि भारत इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करेगा ताकि समुद्री रास्तों की सुरक्षा बनी रहे.

ये भी पढ़ें: हॉर्मुज स्ट्रेट से न के बराबर गुजर रहे तेल के जहाज, सीजफायर के बावजूद थमी रफ्तार, जानें अब तक हमें जो पता है

Latest and Breaking News on NDTV

क्यों अहम है हॉर्मुज स्ट्रेट?

हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है. अगर यहां किसी तरह का खतरा पैदा होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. इसी वजह से भारत और जापान जैसे देश जो ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर हैं, इस इलाके की स्थिति पर बेहद करीब से नजर रखते हैं.

लिहाजा दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य में भी वे लगातार संपर्क में रहेंगे और मिलकर काम करेंगे. खास तौर पर ऊर्जा और संसाधनों की सप्लाई को मजबूत बनाने के लिए बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया.

ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट युद्ध की आड़ में किम जोंग उन के इस दांव से बढ़ी वैश्विक चिंता

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com