- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेगा
- एक नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी और अक्टूबर में राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा जाएगा
- विपक्ष ने तीन महीने के लिए जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक प्रदर्शन और रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई है
इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चौतरफा आंदोलन की रणनीति बनाई है. छह अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे. गठबंधन के सांसदों को सुबह साढ़े दस बजे संसद के मकर द्वार पर इकट्ठा होने के निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली समेत देश भर में 5 बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी. इंडिया ब्लॉक राष्ट्रपति से लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है. एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की जाएगी.
राष्ट्रपति से मिलेंगे राहुल-खरगे!
नेता विपक्ष राहुल गांधी और खरगे अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे.
सूत्रों के मुताबिक इसके साथ ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और उन्हें मुकदमों से कानूनी कवच वाले कानून के खिलाफ विपक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी.
ये मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. यह भी तय किया गया कि मुख्य चुनाव को पत्र लिखकर SIR से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई पूरी करने की मांग की जाएगी.
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में तीन घंटे चली इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह भी ऐलान किया कि दो अक्टूबर से आठ अक्टूबर तक सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा. इसमें गठबंधन के घटक दलों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जाएगा.

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अगले तीन महीने का बनाया है प्लान
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे इंडिया ब्लॉक ने फिलहाल आगामी तीन महीने की योजना बनाई है. जिसके तहत दशहरा से पहले जिला स्तर से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन किए जाएंगे.
दुर्गा पूजा के बाद देश के बड़े शहरों में बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी. सड़क की लड़ाई के बाद नवंबर के अंत में जब संसद का सत्र शुरू होगा तब विपक्ष इस मुद्दे पर हंगामा करेगा. सियासी मैदान के अलावा अदालती लड़ाई के जरिए मुद्दे को गंभीर बनाने की कोशिश भी जाएगी.
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प्रियंका ने की पार्टी नेताओं संग बैठक
इंडिया गठबंधन की बैठक के फौरन बाद ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए कांग्रेस मुख्यालय में प्रियंका गांधी ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की.
इस बैठक में सचिन पायलट, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल के साथ यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रभारी शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी इस पूरे आंदोलन की तैयारियों की कमान संभालेगी.
इंडिया ब्लॉक के इस पूरे अभियान के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तो निशाने पर रहेंगे ही साथ ही पीएम मोदी पर भी निशाना साधा जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने ज्ञानेश कुमार को पीएम मोदी की कठपुतली कह कर निशाना साधा.
SIR प्रकिया और EVM पर भी सवाल उठा कर पूरी चुनावी प्रक्रिया को सवालों के घेरे में लेन की कोशिश की जाएगी. खरगे ने कहा कि नोटबंदी के बाद पीएम मोदी वोट बंदी कर रहे हैं.

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लोकतंत्र बर्बाद करने वालों को मिलेगी सजाः राहुल
बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि सभी विपक्षी दल सहमत हैं कि देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था पर नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार ने हमला किया है. हम सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद करने वाले लोगों को सजा मिले चाहे कोई कितना भी बड़ा हो.
राहुल ने कहा कि विपक्ष लोगों को यह समझाने में कामयाब रहा है कि चुनाव की चोरी हो रही है. हमें विश्वास है कि अगले कुछ महीनों में हम देश में कुछ महत्वूर्ण बदलाव करेंगे.
सूत्रों के मुताबिक बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी हिल गए हैं. हमें टीम वर्क पर फोकस करना होगा.
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19 पार्टियों के नेता हुए शामिल
इंडिया ब्लॉक की बैठक में 19 दलों के नेता शामिल हुए. हालांकि, डीएमके और आम आदमी पार्टी जैसे इंडिया ब्लॉक के पूर्व घटक दलों ने इस बैठक से दूरी बनाई. विजय की पार्टी टीवीके भी बैठक में शामिल नहीं हुई.
शिव सेना (यूबीटी) से उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉनफ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए. जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला, पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती, बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, सीपीएम महासचिव एमए बेबी, सीपीआई एमएल महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य जैसे विपक्ष के बड़े चेहरे बैठक में मौजूद रहे.
समाजवादी पार्टी के दो सांसद भी बैठक में मौजूद रहे. हालांकि लखनऊ में रामगोपाल यादव के राज्यसभा नामांकन के कारण अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हो पाए. आने वाले वक्त में देखना होगा कि बैठक में बनी रणनीति को इंडिया गठबंधन जमीन पर कैसे उतारता है?
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