मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और ECI को लामबंद करने के लिए दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में आज 21 विपक्षी दलों की बैठक हुई. बैठक में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, खरगे, ममता बनर्जी, उद्धव , शरद पवार, उमर अब्दुल्लाह, महबूबा मुफ्ती समित कई बड़े नेता शामिल हुए. इंडिया गठबंधन की बैठक में हर बड़े नेता ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और दोनों मुख्य चुनाव आयुक्त के बयानों पर अपनी अपनी बात रखी. चर्चा की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने की जिसके वोट चोरी, SIR प्रक्रिया और बैलेट पेपर पर चुनाव करवाए. इस मांग को सहयोगी दलों के आगे रखा.
मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और महाभियोग प्रस्ताव पर भी अपनी बात रखी. वही मांग रखी गई कि आगामी चुनावों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) लागू करने से पहले पुरानी वोटर लिस्ट का इस्तेमाल किया जाए और EVM की जगह बैलेट पेपर से वोटिंग कराई जाए इस पर भी जोर दिया.
कांग्रेस सूत्रो के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में बोला कि पिछले दो साल से मैं वोट चोरी का मुद्दा उठा रहा हूं. प्रधानमंत्री इस वक्त सबसे कमजोर स्थिति में हैं. राहुल गांधी ने बैठक में एकजुटता की बात रखी और कहा की कुछ राज्यों में अब साथ नहीं आ सकते लेकिन उसके लिए आपस में बयानबाजी ना करने की वजह राष्ट्रीय स्तर पर एकसाथ रहने की जरूरत है.
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि बैठक में सरकार कमजोर स्थिति में हैं. इंटेलिजेंस से हमें कई खबरें मिलती हैं. उन्होंने अन्य सहयोगी से कहा आपको भी राज्यों में ऐसी खबरें मिलती होंगी. देखिए उन जानकारी का कितना इस्तेमाल कर हम बीजेपी को घेर सके वह आप लोग तय करिए.
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार को वैनिश कुमार बताया और SIR के जरिए वोट चोरी किए जा रहे हैं यह दावा भी किया.
सूत्रों के मुताबिक, लेफ्ट के कई विपक्षी दलों ने कांग्रेस को सलाह दी कि अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर इस मुद्दे को उठाया जाए. इसमें इशारा DMK की तरफ था.
सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने बैठक में वोट चोरी मुद्दा उठाते हुए कहा कि वोट चोरी की शुरुआत बिहार से की गई, हमने उस वक्त भी इस मुद्दे को उठाया था. वही इसी कड़ी में कई अन्य नेताओं ने भी SIR और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर अपनी बात रखी.
उद्धव ठाकरे क्या बोले?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि विपक्षी दलों को राष्ट्रीय मुद्दों पर अधिक गंभीरता दिखाने की सलाह दी. उद्धव ने बैठक में कहा कि यह अच्छी बात है कि हर राज्य में अलग-अलग पार्टियां विरोध कर रही हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम सभी को एक मंच पर आकर एक साथ विरोध करना चाहिए.
सूत्रों के मुताबिक, CPI नेता दीपांकर भटाचार्य ने इंडिया गठबंधन की बैठक में वोटिंग आयु को कम करने की बात रखी. जानकारों के मुताबिक, दीपांकर ने कहा वोट देने की 18 से कम करके 16 साल उम्र करनी चाहिए. उन्होंने करीब 10 सीटों का हाल में करवाए गए सर्वे की रिपोर्ट का जिक्र किया और यह भी कहा कि डिसेंट्रलाइज्ड तरीके से इस मुद्दे को हम सब को मिलकर उठाना चाहिए.
एनसीपी की ओर से क्या कहा गया?
सूत्रों के मुताबिक, NCP की ओर से मौजूदा नेता जितेंद्र आव्हाड ने EVM से चुनाव न हो इसका जिक्र किया. वही उन्होंने EVM की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के आने से अब EVM को आसानी से हैक किया जा सकता है.
CPIM नेता MA बेबी ने बैठक में कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. इंडिया गठबंधन में कई दल नहीं हैं उनको भी साथ लाना चाहिए. ऐसे में बेबी ने विपक्षी नेताओं को सोशल सोसायटी को जोड़ने का भी प्रस्ताव बैठक में रखा. इसपर पर कपिल सिब्बल ने हामी भरी. विपक्षी दलों की दिल्ली में दो घंटे से ज्यादा चली बैठक में EVM, SIR, चुनाव की प्रक्रिया , निष्पक्षता से लेकर आगामी प्रदर्शन पर चर्चा हुई.
इंडिया गठबंधन ने यह तय किया है कि 2 अक्टूबर से लेकर 6 अक्टूबर तक सभी देश के जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा. वही दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कार्यवाही की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को विपक्षी पार्टियों के सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय तक प्रदर्शन करेंगे.
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पूरे देश भर में 5-6 बड़ी रैलियां करने की योजना भी बनाई गई है. पहले रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी. दूसरी मुंबई, बंगलौर, बंगाल, महाराष्ट्र समित अन्य राज्यो में की जाए. इसे लेकर आपसी सहमति भी बनी है.
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