अडानी ग्रुप के चिंतन रिसर्च फाउंडेशन (CRF) और फिनोविस्टा ने मंथन (भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय की एक पहल) के सहयोग से मंगलवार को नई दिल्ली में 'Small Modular Reactors (SMRs) for Defence Manufacturing & Data Centre Operation' विषय पर एक नीति संवाद का आयोजन किया. भारत के ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों और रक्षा विनिर्माण और डेटा केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूत करने में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) की भूमिका पर चर्चा करने के लिए आयोजित इस नीति संवाद में भारत सरकार के पॉलिसी मेकर्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और कई विशेषज्ञों ने भाग लिया.
चिंतन रिसर्च फाउंडेशन में सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज एंड एनर्जी ट्रांजिशन के सेंटर हेड, डॉ. देबजीत पालित ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, "स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) भारत के लिए एक महत्वपूर्ण लो कार्बन क्लीन एनर्जी सोर्स हो सकते हैं. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर्स को बिना किसी बाधा के बिजली सप्लाई की आवश्यकता होती है. ऐसे में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और डाटा सेंटर के लिए स्मॉल माड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) बिजली की निर्बाध सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्रोत होंगे."
₹20,000 करोड़ का कुल बजटीय प्रावधान
केंद्रीय बजट 2025-26 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) के अनुसंधान, डिजाइन, विकास और तैनाती के लिए ₹20,000 करोड़ का कुल बजटीय प्रावधान किया था. साल 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश में न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर का विस्तार और ग्रोथ बेहद अहम है.
डॉ. देबजीत पालित के मुताबिक, साल 2047 तक देश में 100 गीगावॉट तक न्यूक्लियर एनर्जी की क्षमता पैदा करने का लक्ष्य तय किया गया है. डॉ. देबजीत के मुताबिक, इसमें से 20 से 25 GW तक स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) का शेयर हो सकता है.
3 तरह के स्वदेशी एसएमआर के विकास पर काम जारी
स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स के लिए देश में एक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है. भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर देश में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स की डिजाइन और टेक्नोलॉजी तैयार कर रहा है. इसके लिए एक मार्केट इकोसिस्टम तैयार करना बेहद अहम होगा.
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने 12 मार्च, 2026 को राज्य सभा में दिए एक लिखित जवाब में कहा था, "परमाणु ऊर्जा विभाग ने 3 तरह के स्वदेशी एसएमआर की डिजाइन और डेवलपमेंट पर काम शुरू किया है. ये 220 MWe भारत स्माल मॉड्यूलर रिएक्टर (BSMR-200); 55 स्माल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR-55); और 5 MWth High temperature gas cooled reactor meant for hydrogen generation हैं.
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