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निलंबित अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से बाहर भेजने पर हंगामा, कार के आगे लेटे समर्थक, बुलानी पड़ी PAC

निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को बरेली प्रशासन ने गुपचुप तरीके से शहर से बाहर भेजने का प्रयास किया. खबर मिलते ही बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई. कई लोग गाड़ी के आगे लेट गए और रास्ता रोक दिया.

निलंबित अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से बाहर भेजने पर हंगामा, कार के आगे लेटे समर्थक, बुलानी पड़ी PAC
  • PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियमों का विरोध करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था
  • अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर शामली के डीएम कार्यालय से अटैच किया गया है
  • बरेली प्रशासन ने उन्हें गुपचुप शहर से बाहर भेजने का प्रयास किया. खबर मिलने पर समर्थकों ने हंगामा कर दिया
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यूजीसी के नए नियमों और सरकार की नीतियों के विरोध में इस्तीफा देने वाले निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को लेकर बुधवार को बरेली में हंगामा हो गया. पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अग्निहोत्री को प्रशासन ने निजी वाहन से गोपनीय तरीके से शहर से बाहर भेजने की कोशिश की. जैसे ही उन्हें ले जाने की खबर फैली, रामपुर रोड पर उनके समर्थक जमा हो गए और गाड़ी के आगे लेटकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. पुलिस से धक्कामुक्की भी की गई. बाद में पीएसी बुलाकर हालात काबू किए गए. अलंकार को बरेली से लखनऊ ले जाया गया है.

UGC के नए नियमों को लेकर दिया इस्तीफा

2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को सरकार की नीतियों खासकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 का विरोध करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर चौंका दिया था. उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को काला कानून बताते हुए आरोप लगाया कि इनसे कॉलेजों में अकादमिक माहौल खराब होगा, इन्हें तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.

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शामली के डीएम ऑफिस से अटैच किया

इसके बाद यूपी सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में बरेली के नगर मजिस्ट्रेट पद से निलंबित कर दिया और उन्हें शामली के जिलाधिकारी कार्यालय से अटैच करने का निर्देश दिया. सरकार ने विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अग्निहोत्री के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए बरेली मंडल के कमिश्नर बीएस चौधरी को जांच अधिकारी बनाया है.

गोपनीय तरीके से शहर से बाहर भेजने का प्रयास

अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किए जाने के बाद बरेली प्रशासन ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे अलंकार अग्निहोत्री को गोपनीय तरीके से बरेली से बाहर भेजने का प्रयास किया. जाने से पहले अलंकार अग्निहोत्री ने प्रशासन पर हाउस अरेस्ट करने और घर पर अवैध रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी करने का आरोप लगाया.

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समर्थकों ने रोका रास्ता, पुलिस से नोकझोंक

अग्निहोत्री को शहर से बाहर भेजे जाने की खबर मिलने पर बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई. कई लोग गाड़ी के आगे लेट गए और रास्ता रोक दिया. देखते ही देखते अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई. 

पीएसी बुलाकर हालात काबू किए गए

स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने रास्ता साफ कराया और अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से रवाना किया. इस दौरान समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई को एकतरफा बताया. वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून और नियमों के तहत की गई है. 

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