- यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दलों में वार-पलटवार जारी है
- पश्चिम यूपी के दो दिग्गज नेता इमरान मसूद और इकरा हसन के बीच सियासी जंग
- उधर, बीजेपी ने भी पश्चिम यूपी से मिशन 2027 की शुरुआत कर दी है
उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे सियासी बयानबाजी भी रफ्तार पकड़ रही है. कैराना से समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन के बयान के बाद कांग्रेस की तरफ से इमरान मसूद ने मोर्चा संभाला है. पश्चिमी यूपी के दोनों दिग्गज नेता एक-दूसरे के खिलाफ लगातार सियासी तेवर अपना रहे हैं. पश्चिम यूपी में ये दोनों नेता मुसलमानों के बड़े लीडर हैं. ऐसे में इनकी बयानबाजी से सवाल उठ रहा है कि इस बार पश्चिम यूपी का मुसलमान किसी तरफ जाएगा? दरअसल, कुछ दिन पहले इकरा ने कहा था कि यूपी में अखिलेश यादव ही बीजेपी को हरा सकते हैं और कांग्रेस अपने दम पर कुछ नहीं कर पाएगी. इकरा के इस बयान के बाद मसूद ने एसपी नेता को 2022 और 2024 के नतीजे देखने की सलाह दी है. खास बात ये है कि ये बयानबाजी तब हो रही है जब बीजेपी चीफ नितिन नवीन पश्चिम यूपी से ही चुनावी मिशन की शुरुआत कर चुके हैं.
2017 के गठबंधन से ज्यादा सीटें लड़ेंगे
इमरान मसूद ने एनडीटीवी से बातचीत में इकरा हसन के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें 2022 विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे देखने की जरूरत है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस थी तो लोकसभा चुनाव में 37 सीटें आईं थी. बिना कांग्रेस के विधानसभा चुनाव में 112 सीटों पर ही रुक गए थे. कुछ दिन पहले मसूद ने ही यूपी में सीट बंटवारे पर देरी होने को लेकर एसपी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि बिना कांग्रेस और राहुल गांधी के बीजेपी को नहीं हराया जा सकता है. मसूद ने कहा कि कोई गलतफहमी में ना रहे. देश में राहुल गांधी ने माहौल बना दिया है. राहुल गांधी का हाथ मजबूती से थाम लीजिए, वरना बंगाल बनने के लिए तैयार हो जाइए. मसूद ने कहा कि मुझे नहीं पता गठबंधन में क्यों देर हो रही है. मैं सलाह दे रहा हूं कि अतीत से सबक ले लें तो बेहतर. हम 2017 के गठबंधन से ज्यादा सीटों पर लड़ेंगे.
इकरा ने क्या था
मसूद के बयान पर इकरा ने पलटवार करते हुए कहा था कि यूपी में अखिलेश ही बीजेपी को हरा सकते हैं और कांग्रेस अपने दम पर कुछ नहीं कर पाएगी. पश्चिम यूपी में विधानसभा की 71 सीटें हैं. इन सीटों पर इस बार तगड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है. मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली और बुलंदशहर जैसे जिलों में मुसलमानों की संख्या काफी है. ऐसे में मसूद और इकरा हसन के बयान को मुस्लिम वोटों से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
मिशन पश्चिम यूपी में जुटी बीजेपी
बीजेपी ने मिशन 2027 की शुरुआत पश्चिमी यूपी से शुरू कर दी है. नितिन नवीन मेरठ से लेकर सहारनपुर तक के दौरे पर हैं. मेरठ, बुलंदशहर, शामली, बुलंदशहर और गाजियाबाद में 71 सीटों पर पार्टी पूरी ताकत झोंकने में लगी है. पश्चिमी यूपी की सियासी जमीन पार्टियों के लिहाज से काफी उर्वर मानी जाती है. 2017 और 2022 के चुनाव में बीजेपी को इस इलाके से बड़ी बढ़त मिली थी. पार्टी हैट्रिक बनाने के लिए इस बार भी यहां नजर बनाए हुए है. नितिन नवीन का खुद मोर्चा संभालना ये साफ दिखाता है कि भगवा दल इस सीटों के लिए लिहाज से मजबूत इस इलाके को हल्के में नहीं ले रही है.
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