देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर दक्षिणी भारत में उत्तर-पूर्व मानसून दस्तक देने को तैयार है. इस बदलाव का असर पूरे देश पर दिख रहा है. मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों के लिए कल के मौसम को लेकर अहम चेतावनी जारी की है. कहीं भारी बारिश तो कहीं आंधी-तूफान का अंदेशा है. आइए जानते हैं, कल आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का हाल.
दिल्ली-एनसीआर में सर्दी का होगा अहसास?
कल यानी 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर वालों को गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है, लेकिन घर से निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर जान लें. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आसमान में दिन भर बादल छाए रहेंगे. दोपहर से शाम के बीच कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इसके साथ ही, 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक भी पहुंच सकती हैं. आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी चेतावनी जारी की गई है.
मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी. अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.
उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश में भी कल मौसम करवट बदलेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर को कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. कुछ जगहों पर ओले भी पड़ सकते हैं. इससे खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है.वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर से मौसम का मिजाज बदलेगा और कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. 15 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर को पश्चिमी यूपी के लिए आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है.
बिहार में बारिश होगी?
बिहार के लोगों को भी जल्द ही मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 16 से 18 अक्टूबर के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है.
क्यों बदल रहा है मौसम? अल नीनो और मानसून का खेल
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 15 अक्टूबर, 2026 से दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश शुरू होने के लिए स्थितियां अनुकूल हो गई हैं. इसके साथ ही देश के बाकी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई भी हो रही है. इस साल कमजोर मानसून के कारण देश के 38% जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई, जिसका मुख्य कारण मजबूत अल नीनो को माना जा रहा है.
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने भी चेतावनी दी है कि अल नीनो का प्रभाव आने वाले महीनों में और बढ़ सकता है, जिससे दुनिया भर में बाढ़, सूखा और अत्यधिक गर्मी का खतरा बढ़ेगा. IMD के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर तक दक्षिणी भारत में उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश "सामान्य" रहने की संभावना है, जो एक राहत की बात है.
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