Monsoon 2026 IMD Weather Alert: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से सक्रिय हो गया है और आने वाले कुछ दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और अगले दो से तीन दिनों में मानसून पूरे देश को कवर कर सकता है. फिलहाल उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम उत्तरप्रदेश पर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मध्य भारत सहित कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने 8 जुलाई को पश्चिम मध्यप्रदेश, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, असम-मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और पंजाब में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश के आसार हैं.
पूरे देश में पहुंचने वाला है मानसून
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा अभी बाड़मेर, जोधपुर, चूरू, भटिंडा होते हुए आगे बढ़ रही है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2-3 दिनों में मानसून राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर अरब सागर के शेष हिस्सों में पहुंच जाएगा. इसके साथ ही पूरा देश औपचारिक रूप से मानसून के दायरे में आ जाएगा.
Satellite animation indicates Well Marked low Pressure area over northwest Madhya Pradesh & adjoining southwest Uttar Pradesh pic.twitter.com/BGYrKcPKep
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 8, 2026
मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है. उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तरप्रदेश पर बने मजबूत लो प्रेशर सिस्टम के कारण 8 जुलाई को पश्चिमी मध्यप्रदेश में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) की संभावना जताई गई है.
इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और आसपास के जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है. पूर्वी मध्यप्रदेश में भी 8 से 10 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. पिछले 24 घंटों में देवास में 15 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का खतरा भी जताया है.
दिल्ली में राहत की बारिश
दिल्ली-एनसीआर में मानसून सक्रिय बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार 8 और 9 जुलाई को दिल्ली में बादल छाए रहेंगे तथा कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. कुछ स्थानों पर तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं. दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी पैदा हो सकती है.
Advance of Southwest Monsoon 2026
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 8, 2026
❖ The Northern Limit of Monsoon continues to pass through 24.5°N/65°E, Barmer, Jodhpur, Rajgarh (Dist. Churu), Bhatinda and 32.5°N/70°E.
❖ Conditions are favourable for further advance of southwest monsoon into remaining parts of North… pic.twitter.com/dccSHee8td
मुंबई और कोंकण क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका
मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और गोवा सहित पूरे कोंकण क्षेत्र में मानसून पूरी ताकत से बरस रहा है. मौसम विभाग ने 8 जुलाई को कोंकण और गोवा में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कोंकण और गोवा में 8 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. पहले से ही कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और लगातार बारिश के कारण भूस्खलन तथा जलभराव का खतरा बना हुआ है. मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश हो सकती है. पिछले 24 घंटों में रायगढ़ जिले के माथेरान में 36 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि मुंबई के सांताक्रूज क्षेत्र में तेज हवाएं भी रिकॉर्ड की गईं. मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की आशंका जताई है.
राजस्थान, यूपी और पंजाब में भी बरसेंगे बादल
पूर्वी राजस्थान में 8 और 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है. उत्तरप्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहेगा. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में भी 8 से 12 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है.
पूर्वोत्तर और बंगाल में रेड अलर्ट जैसी स्थिति
असम, मेघालय, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा का खतरा बताया गया है. मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव की आशंका बनी हुई है. बिहार में भी 8 से 10 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
9 जुलाई के बाद बारिश में आ सकती है कमी
मौसम विभाग की सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि 9 जुलाई के बाद देश के मध्य भागों में वर्षा गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है. हालांकि उत्तर भारत, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है.
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