Revenue Officer Tanvi Success Story: दृढ़ संकल्प और लगन हो तो मंजिल की राह सुगम हो जाती है. कुछ ऐसी ही कहानी है बिहार (Bihar) के गया जी (Gaya) के रहने वाली तन्वी (Tanvi) की... तन्वी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 699वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है. उन्होंने पहले प्रयास में यह सफलता हासिल की. तन्वी का चयन रेवेन्यू ऑफिसर (RO) के पद पर हुआ है. जब तन्वी 8 साल की थीं तो सिर से पिता का साया उठ गया. पति के अचानक निधन के बाद मां न सिर्फ घर की जिम्मेदारियों को संभाला, बल्कि अपनी बेटी को रेवेन्यू ऑफिसर (Tanvi Success Story) बना दिया. यह सक्सेस स्टोरी संघर्ष, कठिन परिश्रम और दृढ़ हौसले की मिसाल है.
पढ़ाई के साथ BPSC परीक्षा की तैयारी
तन्वी गया जी जिले के कोंच थाना क्षेत्र की गरारी पंचायत के सर्वहदा गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता अजीत कुमार सब-इंस्पेक्टर थे. परिवार में उनकी मां छाया रानी और एक बहन हैं. पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां मां छाया के कंधों पर आ गईं. पति के निधन के बाद छाया रानी की अनुकंपा पर नियुक्ति हुई. वर्तमान में वो गया एसपी कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं.
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तन्वी की इस शानदार सफलता से उनके गांव सर्वहदा में खुशी की लहर दौड़ गई है.
बता दें कि तन्वी की 12वीं तक पढ़ाई ज्ञान भारती ग्लोबल स्कूल बेला से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक की डिग्री हासिल की. स्नातक के बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से पोस्ट ग्रेजुएशन किया. इसी दौरान उन्होंने बीपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की.
बिना कोचिंग पास की परीक्षा
तन्वी ने बिना किसी कोचिंग की मदद के परीक्षा की तैयारी की. तन्वी ने NDTV को बताया कि कोचिंग कभी भी स्टैंडर्ड बुक्स का विकल्प नहीं हो सकती. कोचिंग सिर्फ मार्गदर्शन दे सकती है, लेकिन आप अगर स्टैंडर्ड बुक- NCERT, इतिहास के लिए स्पेक्ट्रम, पॉलिटी के लिए लक्ष्मीकांत खुद से पढ़ते हैं तो आपकी अंडरस्टैंडिंग ज्यादा बेहतर होगी और मेंस एग्जाम के लिए आपको हार्ड वर्क करना होगा.

सही रणनीति ने दिलाई बड़ी सफलता
तन्वी ने NDTV को आगे बताया कि वह मास्टर्स की पढ़ाई के साथ-साथ बीपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. इस दौरान टाइम मैनेजमेंट सबसे बड़ी चुनौती रहा. उन्होंने कहा कि अक्सर सेमेस्टर परीक्षाएं और बीपीएससी के विभिन्न चरण- प्री, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू एक ही समय पर आ गए थे. ऐसे में दोनों की तैयारी साथ-साथ करना मुश्किल हो गया था, लेकिन लगातार मेहनत और सही रणनीति के दम पर पहले प्रयास में सफलता हासिल की.
सोशल मीडिया से दूर रहीं तन्वी
तन्वी सोशल मीडिया से हमेशा दूर रहीं. बीपीएससी परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेट्स की राय सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग होती है. कुछ इसे तैयारी में मददगार मानते हैं, तो कुछ इससे दूरी बनाने की सलाह देते हैं. तन्वी का मानना है कि आप तैयारी के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अगर आप सोशल मीडिया का उपयोग पढ़ाई के लिए नहीं कर पा रहे हैं तो आपको इससे पूरी तरह दूरी बनानी होगी. तन्वी का मानना है कि सोशल मीडिया की वजह से कई बार आप अपनी तैयारी से डिस्ट्रिक्ट हो सकते हैं.

बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में गया की तन्वी ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है.
6 घंटे करती थी पढ़ाई
तन्वी बताती हैं कि इस तैयारी के दौरान दोस्तों का काफी सहयोग रहा. वो कहती हैं कि मास्टर्स की पढ़ाई और बीपीएससी परीक्षा की तैयारी दोनों साथ-साथ कर रही थीं. इसलिए रोजाना बीपीएससी परीक्षा के लिए 6-7 घंटे पढ़ाई करती थीं. हालांकि कई बार 3-4 घंटे ही पढ़ाई हो पाती थी. लेकिन इस दौरान मैंने कभी ब्रेक नहीं लिया और नियमित रूप से पढ़ाई करती रही. वो कहती हैं कि परीक्षा की तैयारी के लिए क्वांटिटी ऑफ आवर्स मैटर नहीं करता, बल्कि क्वालिटी ऑफ आवर्स मायने रखती है.
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