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IAS शिखर अग्रवाल APO: 2.5 साल में खरीदे 40 विला, अब पद से हटाए गए

राजस्थान सरकार ने IAS शिखर अग्रवाल को प्रशासनिक कारणों से पोस्टिंग आदेश की प्रतीक्षा में रखा है. उन पर 40 प्रॉपर्टी खरीदने और लीज पर देने के आरोप हैं.

IAS शिखर अग्रवाल APO: 2.5 साल में खरीदे 40 विला, अब पद से हटाए गए
ढाई साल में 40 प्रॉपर्टी और फिर लीज का खेल, विवादों के घिरे IAS शिखर अग्रवाल पद से हटाए गए
  • राजस्थान सरकार ने आईएएस शिखर अग्रवाल को प्रशासनिक कारणों से पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा में रखा है.
  • शिखर अग्रवाल और उनके परिवार ने ढाई वर्षों में एक कंपनी से कुल 40 विला और कॉटेज खरीदे.
  • इन संपत्तियों की खरीद में कुल छह करोड़ सोलह लाख रुपये खर्च किए गए और यह राशि आईटीआर में दर्ज है.
जयपुर:

ढाई साल में 40 प्रॉपर्टी और फिर लीज का खेल खेलने वाले IAS शिखर अग्रवाल को राजस्थान सरकार ने पद से फिलहाल हटा दिया है. राजस्थान सरकार ने आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को पोस्टिंग आदेश की प्रतीक्षा (Awaiting Posting Orders) में रख दिया है. इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद शिखर अग्रवाल एक बार फिर चर्चा में हैं. वह इससे पहले उदयपुर और अलवर के एक रिसॉर्ट में निवेश को लेकर सुर्खियों में आए थे. इस निवेश को लेकर उनकी संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच की मांग भी उठ चुकी है. इस मामले में जयपुर के एक वकील ने पत्र लिखकर शिखर अग्रवाल की संपत्ति और आय की जांच कराने की मांग की है. हालांकि, शिखर अग्रवाल का कहना रहा है कि उन्होंने संबंधित निवेश की पूरी जानकारी अपने आयकर रिटर्न (ITR) में दी थी.

परिवार के नाम पर 40 विला और कॉटेज

शिखर अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा एक ही कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदे जाने का मामला सामने आया था. इस मामले में आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल, उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर, उनके दोनों बेटों और सास-ससुर के नाम शामिल बताए गए हैं. जानकारी के मुताबिक, परिवार के सदस्यों ने सिर्फ ढाई साल के अंदर ये प्रॉपर्टियां खरीदीं. इन संपत्तियों की खरीद पर कुल 6 करोड़ 16 लाख रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई. बताया गया है कि इस निवेश का जिक्र शिखर अग्रवाल ने अपने आयकर रिटर्न में किया था.

वहीं, जयपुर के एक वकील ने इस मामले में शिखर अग्रवाल के खिलाफ भी पत्र लिखकर उनकी संपत्ति और आय की जांच करने की मांग की है. आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल, उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर, उनके दोनों बेटों और सास-ससुर पर एक ही कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदने का मामला सामने आया था. ये सभी संपत्तियां करीब ढाई साल के भीतर खरीदी गईं.

ढाई साल में 40 प्रॉपर्टी और फिर लीज का खेल

शिखर अग्रवाल एंड फैमिली ने जिस कंपनी से प्रॉपर्टी खरीदी हैं, वो अनंता ब्रांड के तहत रिसॉर्ट्स चलाती है. इन 40 संपत्तियों को खरीदने में कुल 6 करोड़ 16 लाख रुपये खर्च किए गए, जो आइएएस ने अपने आईटीआर में बताए. मजेदार बात यह है कि खरीदने के बाद इन संपत्तियों को वापस उसी कंपनी को लीज पर दे दिया गया. इस लीज से हर साल 1.80 करोड़ रुपये किराया मिलने की बात कही गई है.

शिखर अग्रवाल के खिलाफ शिकायत में क्‍या-क्‍या?

  • आईएएस शिखर अग्रवाल और आईपीएस प्रशाखा माथुर के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दर्ज कर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की गई है.
  • शिखर अग्रवाल, प्रशाखा माथुर, उनके परिवार और अन्य लोगों की संपत्तियों की जांच की मांग उठाई.
  • शिकायत में जयपुर और उदयपुर में कथित तौर पर खरीदी गई संपत्तियों के लेन-देन की जांच कराने की मांग.
  • आरोप है कि कुछ संपत्तियां बाजार कीमत से बेहद कम कीमत पर खरीदी गईं, जबकि बाद में उनकी कीमत काफी अधिक बताई गई.
  • शिकायत में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और लीज से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की मांग की गई.
  • शिखर अग्रवाल के जयपुर विकास प्राधिकरण में आयुक्त पद पर रहने का भी शिकायत में उल्लेख किया गया.
  • शिकायतकर्ता ने शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर के परिवारों की संपत्तियों तथा कारोबारी लेन-देन की जांच की मांग की.
  • शिकायत में गोयल फैशन्स को कथित सरकारी लाभ और सब्सिडी मिलने के मामले की भी जांच की मांग उठाई गई.
  • शिकायतकर्ता ने मामले में वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई से FIR दर्ज करने की मांग की.
  • सीबीआई निदेशक को शिकायत भेजकर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की निष्पक्ष व गहन जांच की मांग.
  • शिकायतकर्ता सीनियर अधिवक्ता पूनम चंद्र भंडारी ने सीबीआई निदेशक को मेल के जरिए भेजा शिकायती पत्र.

शिखर अग्रवाल के पास थे कई महत्‍वपूर्ण विभाग 

राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री शिखर अग्रवाल (1993 बैच) को आगामी आदेशों तक पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा (APO - Awaiting Posting Orders) में रख दिया है. 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, प्रशासनिक कारणों से यह निर्णय लिया गया है. एपीओ किए जाने से पहले शिखर अग्रवाल राजस्थान सरकार में कई अत्यंत महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे...

  • अतिरिक्त मुख्य सचिव : उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) एवं राजकीय उपक्रम
  • अतिरिक्त मुख्य सचिव : दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) एवं विशेषाधिकारी, भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण
  • अतिरिक्त मुख्य सचिव : विनियोजन, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग (डोरा)
  • अध्यक्ष : निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP), जयपुर
  • अध्यक्ष : रीको (RIICO), जयपुर
  • अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक : राजसीको (RAJSICO), जयपुर

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राज्यपाल की आज्ञा से आदेश जारी

कार्मिक विभाग के संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह द्वारा राज्यपाल की आज्ञा से शिखर अग्रवाल को APO पर रखने का आदेश जारी किया गया है. आदेश की कॉपी सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव, राज्यपाल के सचिव, मुख्य सचिव, भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेज दी गई हैं.

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