- भावना कंठ पहली महिला फाइटर पायलट बनीं जिन्होंने TACDE का प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा किया.
- TACDE प्रशिक्षण में कठिन वायु युद्ध रणनीति और मिशन योजना की ट्रेनिंग दी जाती है.
- भावना कंठ को वर्ष 2016 में पहली महिला फाइटर पायलटों में शामिल किया गया था.
भारतीय वायु सेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है. भावना देश की पहली ऐसी महिला फाइटर पायलट बन गई हैं, जिन्होंने ग्वालियर स्थित 'टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट' का प्रतिष्ठित 'फाइटर कॉम्बैट लीडर' कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है. ऐसे में यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस विशेष कोर्स में शामिल होने का मौका केवल चुनिंदा और बेहद कुशल लड़ाकू पायलटों को ही मिलता है. करीब 20 वीक तक चलने वाले इस ट्रेनिंग में वायु युद्ध की कठिन रणनीति, मिशन प्लानिंग और परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है.
इतना ही नहीं, भावना कंठ का नाम पहले भी भारतीय वायु सेना के इतिहास में दर्ज हो चुका है. वर्ष 2016 में जब वायु सेना ने पहली बार महिलाओं को फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया था, तब भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह को देश की पहली महिला फाइटर पायलटों के रूप में कमीशन मिला था.

वहीं, महिला अधिकारियों की उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका. इससे पहले स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह ने 'क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर' का दर्जा हासिल कर नई मिसाल कायम की थी. शिवांगी सिंह तब भी सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान कराई थी.
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ के बारे में
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली हैं. लेकिन उनका जन्म बरौनी में हुआ था. उनकी शुरुआती शिक्षा बरौनी रिफाइनरी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से हुई. स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भावना ने TCS में नौकरी की. बाद में उनका चयन भारतीय वायु सेना में हुआ और उन्होंने फाइटर पायलट बनने की दिशा में ऐतिहासिक यात्रा शुरू की.

TACDE क्या है?
- Tactics and Air Combat Development Establishment... भारतीय वायु सेना का एक प्रमुख और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान है.
- इसकी स्थापना 1971 में Tactics and Combat Development and Training Squadron के रूप में हुई थी.
- साल 1972 में इसका नाम बदलकर TACDE रखा गया.
- TACDE का मुख्य उद्देश्य वायु सेना की ऑपरेशनल और कॉम्बैट क्षमताओं को बेहतर बनाना है.
- यह संस्थान लड़ाकू अभियानों के लिए नई युद्ध रणनीतियां विकसित करता है.
- TACDE विभिन्न विमानों और हथियार प्रणालियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करता है.
- यहां फाइटर पायलट, ट्रांसपोर्ट एयरक्रू, हेलीकॉप्टर पायलट और रडार कंट्रोलर्स को एडवांस्ड ट्रेनिंग दी जाती है.
- नए शामिल किए जाने वाले विमान, रडार और हथियार प्रणालियों का मूल्यांकन भी TACDE में किया जाता है.
- TACDE की तुलना अक्सर अमेरिकी नौसेना के मशहूर Top Gun प्रोग्राम से की जाती है.
ये भी पढें : तरुण तेजपाल कैसे पहुंच गए जेल, वो बातें जो लोअर कोर्ट ने इग्नोर की, लेकिन हाईकोर्ट ने माना पुख्ता सबूत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं