- EU के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने भारत से अपने पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख किया.
- भारत और EU के बीच व्यापार, सुरक्षा और लोगों के संपर्क में सहयोग के नए और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई.
- कोस्टा ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया और व्यापार को आर्थिक विकास का मूल आधार माना.
भारत के साथ व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर दौरे पर आए यूरोपीयन संघ के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने भारत से अपने गहरे पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव की बात कही है.
दा कोस्टा ने कहा, 'मैं यूरोपीय संघ का अध्यक्ष हूं, लेकिन साथ ही मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटीजन भी हूं. इसलिए, आप समझ सकते हैं कि मेरे लिए इसका विशेष महत्व है. मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था. यूरोप और भारत के बीच का संबंध मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत मायने रखता है.'
#WATCH | Delhi | President of the European Council, António Luís Santos da Costa, says, "I'm the President of the European Council, but I'm also an overseas Indian citizen. Then, as you can imagine, for me it has a special meaning. I'm very proud of my roots in Goa, where my… pic.twitter.com/wDMuNbzr3h
— ANI (@ANI) January 27, 2026
'यह डील एक नए अध्याय की शुरुआत'
यूरोपीय संघ के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के संबंधों में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय शुरू हुआ है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जो उनके लिए सम्मान की बात थी.
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दा कोस्टा ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी, इस विशेष अवसर पर हमें आमंत्रित करने के लिए आपका धन्यवाद. गणतंत्र दिवस समारोह में भारत की क्षमताओं और विविधता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला.' उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि भारत और यूरोपीय संघ व्यापार, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं.

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था- EU अध्यक्ष
यूरोपीय संघ अध्यक्ष ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि भारत और यूरोप के बीच सदियों से व्यापारिक संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा, 'व्यापार एक महत्वपूर्ण भू‑राजनीतिक स्थिरीकरणकर्ता है और आर्थिक विकास का मूल आधार है. व्यापार समझौते नियम‑आधारित आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करते हैं और साझा समृद्धि को बढ़ावा देते हैं.'

लुइस सैंटोस दा कोस्टा की बात पर मुस्कुराते पीएम मोदी
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'दो अरब की आबादी का बाजार होगा तैयार'
दा कोस्टा ने कहा कि भारत‑EU मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक महत्व का है और यह अब तक के सबसे महत्वाकांक्षी समझौतों में से एक है, जिससे लगभग 2 अरब लोगों की आबादी वाला बड़ा बाज़ार तैयार होगा. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने आज औपचारिक रूप से व्यापार वार्ताएं पूरी कर ली हैं, जिन्हें मई 2021 में फिर से शुरू किया गया था.

दा कोस्टा से गले मिलते पीएम मोदी
उन्होंने कहा, 'हमारा शिखर सम्मेलन दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देता है. ऐसे समय में जब वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं, भारत और यूरोपीय संघ रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में साथ खड़े हैं.' दा कोस्टा ने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, भारत और यूरोपीय संघ अपने नागरिकों को ठोस लाभ पहुंचाने और शांति, स्थिरता, आर्थिक विकास व सतत विकास पर आधारित एक मजबूत वैश्विक व्यवस्था को आकार देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.
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