हैदराबाद यूनिवर्सिटी में 22 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट छात्र मयूख कुंडू की मौत ने कैंपस का माहौल गरमा दिया है. पश्चिम बंगाल के रहने वाले मयूख का शव कैंपस के पास बफेलो लेक के पास मिला, जिससे छात्र संगठनों में आक्रोश फैल गया है.
सुसाइड नोट में सफाई, मां से माफी
छात्र के कमरे से मिले एक कथित पत्र में मयूख ने लिखा कि वह लैपटॉप चोरी के मामले में किसी भी तरह शामिल नहीं था. उसने अपनी मां से आत्महत्या के लिए माफी मांगते हुए मजबूत रहने की अपील की.
छात्र संगठनों का आरोप: पिटाई और सार्वजनिक अपमान
कई छात्र संगठनों ASA, AISA, SFI, Fraternity, DSU, MSF, TSF ने संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि 17 मई की रात मयूख को लैपटॉप चोरी कबूल कराने के लिए प्रताड़ित किया गया. आरोप है कि उसे हॉस्टल में बंदी बनाकर मारपीट और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया.
यह भी पढ़ें- 16 लाख गाड़ियों का चक्का जाम, तीन दिन दिल्ली-NCR में फल-सब्जियों की हो सकती है किल्लत
पुलिस जांच शुरू
गाचीबौली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कहा है कि BNS की धारा 194 के तहत केस दर्ज कर हर पहलू से जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों और उससे पहले की घटनाओं की पूरी पड़ताल की जाएगी.
छात्रों की मांग: जवाबदेही तय की जाए
छात्र संगठनों ने कई मांगें रखी हैं, जिनमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए. आरोपियों पर तय समय में कार्रवाई हो. VC, रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर की जवाबदेही तय की जाए. इसके अलावा परिजनों को मुआवजा दिलाया जाए. साथ ही कैंपस में बेहतर काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. इसके अलावा मॉब विजिलांटिज्म और उत्पीड़न रोकने के सख्त नियम बनाए जाएं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं