हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने MLC मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से निकाल दिया है. पार्टी ने बेग को तुरंत इस्तीफा देने को कहा है. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हाल ही में सामने आए एक वीडियो-लीक विवाद से जुड़ी है, हालांकि पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के पीछे के खास आरोपों या पूरी वजहों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है. मिर्जा रहमत बेग अभी तेलंगाना विधान परिषद में सदस्य हैं. पार्टी ने मिर्जा रहमत बेग को पार्टी, उनके पद और MLC की भूमिका से तुरंत हटा दिया है.
ओवैसी के करीबी थे मिर्जा, 2023 में बने थे MLC
मिर्जा रहमत बेग लंबे समय से AIMIM के कार्यकर्ता और असदुद्दीन ओवैसी के करीबी सहयोगी रहे हैं. उन्हें फरवरी 2023 में MLC बनाया गया था. इस बीच बेग ने डीपफेक के जरिए धमकी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों को लेकर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया है.
Mirza Rahmath Baig has been expelled from AIMIM with immediate effect. He must immediately submit his resignation to the Chairman of the Legislative Council.
— AIMIM (@aimim_national) August 28, 2026
S A Hussain Anwar, Joint Secretary AIMIM
मिर्जा रहमत बेग ने साइबर पुलिस से की शिकायत
मिर्जा रहमत बेग ने साइबर पुलिस से संपर्क करते हुए कहा कि कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर इंटरनेट-आधारित कॉल किए और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की. बेग ने पुलिस को बताया कि उन्हें हाल ही में कुछ कॉल आए थे, जिनमें कॉलर ने धमकी दी कि अगर उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो वे डीपफेक वीडियो फैलाकर उन्हें बदनाम कर देंगे.
राजनीतिक विरोध छवि खराब करने की कर रहे कोशिश
MLC को शक है कि इन कॉल्स के पीछे उनके राजनीतिक विरोधी हो सकते हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि वे उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने पुलिस से मामले की जांच करने और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की है. साइबर क्राइम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 (जबरन वसूली) और 351 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है.
मिर्जा रहमत बेग का विधायक के ड्राइवर से MLC तक का सफर
बताते चले कि AIMIM विधायक सैयद अहमद पाशा कादरी के ड्राइवर और पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम कर चुके बेग ने AIMIM में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और बाद में उन्हें पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का समर्थन मिला. उन्हें पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था.
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