- चुनाव आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नाम हटाए गए वोटरों के घर जाकर पुनः पहचान करें
- स्कूल टीचर BLO के रूप में काम करते हुए वोटर लिस्ट सुधार के अतिरिक्त कार्यों का सामना कर रहे हैं
- BLO ने बताया कि अभी तक कोई नया सरकारी आदेश नहीं मिला है लेकिन दोबारा घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की संभावना है
चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजधानी में माहौल गरमाया हुआ है. यह सब 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ. इन सभी राज्यों में बंगाल में SIR को लेकर सबसे ज्यादा राजनीतिक उठा-पटक और तनाव देखने को मिला. वहां तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सड़कों पर उतरने से लेकर न्यायिक अधिकारियों का घंटों तक घेराव किया. अभी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर दिल्ली में फिर से विपक्ष धरने-प्रदर्शन कर रहा है.
जिला चुनाव अधिकारियों को भेजे पत्र
इस बीच, चुनाव आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों को एक पत्र भेजकर सभी BLO को निर्देश दिया है कि वे उन वोटरों के घर जाएं, जिनके नाम हटा दिए गए थे. यह स्पेशल ड्राइव SIR की वजह से छूट गए वोटरों की पहचान करने और मौजूदा वोटर लिस्ट में उन्हें शामिल करने में मदद करेगी. लेकिन पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में, जहां ज्यादातर स्कूल टीचर ही BLO का काम करते हैं, उन्हें वोटर लिस्ट में सुधार से जुड़े एक और काम का सामना करना पड़ सकता है. पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के SIR (स्पेशल समरी रिविज़न) का काम आधिकारिक तौर पर 27 दिसंबर, 2025 को शुरू हुआ और फाइनल वोटर लिस्ट 28 फरवरी, 2026 को जारी की गई. यह प्रक्रिया तीन महीने तक चली और इसमें BLO ने अहम भूमिका निभाई. जब BLO को एक और काम सौंपा गया, तो हमने जिलों में कुछ BLO से उनके विचार जाने.
हुगली जिले के चंदननगर की BLO दीपा चौधरी ने कहा, "घरों में दोबारा जाने की प्रक्रिया अभी शुरू ही हुई है, इसलिए अभी हम पर कोई दबाव नहीं है. आगे क्या होता है, यह देखना होगा. SIR के दौरान इस काम को लेकर हम पर बहुत ज्यादा दबाव था." उत्तरी दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर के संदीप सरकार ने NDTV को बताया, "अभी तक हमें जिला अधिकारी से कोई नया आदेश नहीं मिला है. हम उसका इंतजार कर रहे हैं. मुझे लगता है कि इस बार वोटरों के पास दोबारा जाना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा, क्योंकि आधा काम—जो कि मुश्किल हिस्सा था—पहले ही पूरा हो चुका है."
BLO एक बार फिर घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे. जिन राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां एक विशेष अभियान पहले ही शुरू हो चुका है. आयोग ने इस बारे में ऐसे 20 राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को पत्र भी जारी कर दिए हैं. पश्चिम बंगाल में भी SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यहां के BLO भी घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का काम करेंगे.
यह भी पढ़ें-
धरना स्थल से बाहर कैसे हो गया जंतर-मंतर, 3 दिन में फैसला, पूरी कहानी यहां जानें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं