
- हिमाचल प्रदेश में मानसून आपदा में अब तक 317 लोगों की मौत, 40 लापता और 314 घायल हुए हैं.
- किन्नौर, कुल्लू और चम्बा जिलों में बादल फटने व भारी बारिश से घर, सड़क, पेयजल और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है.
- मौसम विभाग ने 4 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की चेतावनी दी है.
हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन में आई आपदा में अब तक 317 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 40 लोग लापता और 374 लोग घायल हुए हैं. इस मानसून में प्रदेश में फ्लैश फ्लड की 90, भूस्खलन की 87 और बादल फटने की 42 घटनाएं हुई हैं. राज्य में 2 नेशनल हाईवे व 914 संपर्क मार्ग बंद है. 925 ट्रांसफार्मर भी ठप्प हैं. लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार सुबह तक 2 एन.एच. व 633 सड़कें बंद थीं, लेकिन शाम को इनका आंकड़ा बढ़ गया है. अब राज्य में 2 नेशनल हाईवे एनएच 3 व एनएच 305 बंद हैं. जबकि 914 सड़कें अवरुद्ध हैं. 925 बिजली ट्रांसफार्मर व 266 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं
रामपुर में फटा बादल, कई घरों को नुकसान
शिमला के रामपुर के बधाल के नाले में बीती रात बादल फटने से कई घरों को भारी नुकसान हुआ है. कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और इस घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं. अभी भी पूरे इलाके में खतरा बना हुआ है. इस आपदा के बाद से कुल 5 नेशनल हाईवे बन्द हो गए हैं. जिन्हें खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है. बता दें कि कुछ साल पहले भी बधाल में बादल फटने की घटना हो चुकी हैं.

कुल्लू के आनी में भारी बारिश के बाद पटारना गांव में हुए भूस्खलन से 2 मकान जमींदोज हुए, जिसमें 2 महिलाएं दब गईं, जिसमें से एक की मौत हो गई है. एक की तलाश जारी है. कुल्लू के ही खादवी गांव में 3 मकान भूस्खलन की जद में आ गए हैं. किन्नौर के उपमंडल पूह के लिप्पा गांव में शुक्रवार तड़के बादल फटने के कारण भोगती नाले में अचानक आए सैलाब ने भारी नुकसान पहुंचाया है. इस बाढ़ में 2 मजदूर फंस गए, जो जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं. गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों मजदूरों को बचाया और प्राथमिक उपचार के बाद किन्नौर के रिकांगपिओ क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया. इस घटना में गांव की उपजाऊ भूमि भी बर्बाद हो गई.
कुल्लू और चम्बा जिले में हुई भारी बारिश से हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं. चम्बा जिले में सड़के, बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. कुल्लू के आनी उपमंडल के छनोट नाले के सैलाब में एक कार बह गई है. वहीं नेशनल हाईवे 305 औट-लुहरी मार्ग कई दिनों से भूस्खलन के कारण बाधित है. जिला प्रशासन ने मनाली, आनी और निरमंड उपमंडलों में सभी शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित किया है. बीती रात सिरमौर जिला में हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और नदी-नाले उफान पर हैं. जिले में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं.
नेशनल हाईवे हुआ जलमग्न
मंडी जिले की बल्ह घाटी में पुराना नेशनल हाईवे जलमग्न हो गया है, जिससे वाहनों और आम लोगों की आवाजाही में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं. चम्बा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सड़कें टूटने के कारण हजारों मणिमहेश तीर्थयात्री फंसे हुए हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम यात्रियों को बचाने में जुटी हुई है. यहां मात्र 4 दिनों 25 से 28 अगस्त के बीच में 11 श्रद्धालुओं की मौत हुई है. 16 अगस्त से आरंभ हुई इस यात्रा के दौरान अब तक 22 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है.
चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में जोरदार बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 अगस्त को चार जिले ऊना, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. 2 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने वाला है.

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को चंबा, कुल्लू और कांगड़ा जिलों के कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं ऊना, बिलासपुर, मंडी और शिमला जिले के भी कई स्थानों पर भारी बारिश का यलो अलर्ट है. 31 अगस्त को हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, सोलन, किन्नौर और शिमला जिले के लिए यलो अलर्ट रहेगा. 1 सितंबर को ऊना, मंडी, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इसी तरह से 2 सितंबर को शिमला, सिरमौर और मंडी जिले में भारी वर्षा होने की संभावना है, जहां के लिए यलो अलर्ट जारी किया है.
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