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This Article is From Sep 08, 2020

हाईकोर्ट ने दिल्ली वासियों को बिना डॉक्टर के पर्चे के कोरोना का टेस्ट कराने की इजाजत दी

दिल्ली में निजी लैब प्रतिदिन स्वेच्छा से आने वाले 2000 लोगों का कोरोना टेस्ट कर सकेंगे, सिर्फ दिल्ली के निवासी करा सकेंगे टेस्ट

हाईकोर्ट ने दिल्ली वासियों को बिना डॉक्टर के पर्चे के कोरोना का टेस्ट कराने की इजाजत दी
प्रतीकात्मक फोटो.
नई दिल्ली:

Delhi Coronavirus: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बिना डॉक्टर के पर्चे के लोगों को दिल्ली के पते वाले आधार कार्ड दिखाकर COVID-19 टेस्टिंग की अनुमति दे दी है.  हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को  ICMR फॉर्म भी भरना होगा. हाईकोर्ट ने निजी प्रयोगशालाओं से प्रतिदिन उन 2000 लोगों के COVID-19 टेस्ट की अनुमति देने के लिए कहा है जो स्वेच्छा से टेस्ट कराना चाहते  हैं. दिल्ली के पते के सबूत के लिए आधार कार्ड ले जाना होगा. हाईकोर्ट दिल्ली में परीक्षण सुविधाओं में सुधार पर राकेश मल्होत्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था.

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि रोजाना दो हजार दिल्ली निवासी अपने खर्च पर RT-PCR टेस्ट करवा सकते हैं. इसके लिए किसी भी डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं होगी. यह टेस्ट दिल्ली सरकार द्वारा करवाए जा रहे टेस्ट से अलग हैं. लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि प्राइवेट लैब इसका मतलब यह ना मानें कि वह दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए सैंपल की रिपोर्ट देने में देरी कर सकते हैं. प्राइवेट लैब को निर्देश दिए गए हैं कि दिल्ली सरकार द्वारा भेजे गए सैंपलों को वह प्राथमिकता दें और जल्द से जल्द उनकी रिपोर्ट सरकार को भेजें.

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि आखिरकार दिल्ली सरकार ने रैपिड एंटीजन टेस्ट पर फोकस करने के अलावा RT-PCR टेस्ट बढ़ाए हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को यह भी निर्देश दिए कि वह मोबाइल वैन फैसिलिटी की संख्या बढ़ाए और हर जिले में कम से कम 4 मोबाइल वैन रखे. दिल्ली में कुल 11 जिले हैं. दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया था कि दिल्ली में हर जिले में दो मोबाइल वैन फैसिलिटी हैं. 

दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर एक अहम ऐलान किया. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 'दिल्ली में टेस्टिंग बढ़ा दी गई है. मैंने आज सुबह ही स्वास्थ्य मंत्री को निर्देश दिए हैं कि टेस्ट कराने के लिए डॉक्टर का प्रिसक्रिप्शन न मांगा जाए. कोई भी अपना टेस्ट करवा सकता है.'

अरविंद केजरीवाल का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट केवल प्राइवेट लैब में रोजाना 2000 दिल्ली वासियों को खुद अपने खर्चे पर बिना प्रिस्क्रिप्शन के टेस्ट करवाने की इजाजत दे रहा है. जबकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सभी सरकारी और प्राइवेट लैब में बिना प्रिस्क्रिप्शन के टेस्ट की बात कर रहे हैं.

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