दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ के आरोपों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने कहा कि छात्रसंघ चुनावों का ऐसा स्वरूप, जैसा उसके सामने पेश सामग्री में दिखाई दे रहा है, "किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता."
DU और दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि कथित हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं पर अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा अदालत के समक्ष पेश किया जाए. अदालत जानना चाहती है कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों पर क्या कदम उठाए गए हैं.
चुनाव पर रोक नहीं, लेकिन सख्त चेतावनी
अदालत ने फिलहाल निर्धारित तारीख पर होने वाले DUSU चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कार्रवाई रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई, तो वह कड़े आदेश जारी कर सकती है.
नतीजों पर भी लटक सकती है तलवार
हाईकोर्ट ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर मतगणना रोकने, चुनाव परिणामों की घोषणा टालने या अन्य सख्त कदम उठाने जैसे आदेश भी दिए जा सकते हैं. यानी फिलहाल चुनाव तो होंगे, लेकिन उनकी प्रक्रिया और परिणाम अदालत की अगली समीक्षा के दायरे में रहेंगे.
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