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This Article is From Jan 03, 2024

"भाजपा की कोरी कल्पना है", हेमंत सोरेन ने पत्नी के चुनाव लड़ने की अटकलों को किया खारिज

हेमंत सोरेन ने कहा कि पत्नी को सत्ता सौंपने की अटकल भाजपा द्वारा गलत विमर्श पेश करने के लिए फैलायी गयी है.

"भाजपा की कोरी कल्पना है", हेमंत सोरेन ने पत्नी के चुनाव लड़ने की अटकलों को किया खारिज
रांची:

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को गांडेय विधानसभा सीट से पत्नी कल्पना सोरेन के चुनाव लड़ने के कयासों को खारिज करते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘कोरी कल्पना' करार दिया. सोरेन ने ‘पीटीआई-भाषा'से बातचीत में कहा कि इन कयासों में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा'से कहा, ‘‘मेरी पत्नी के निकट भविष्य में चुनाव लड़ने की संभावना पूरी तरह से भाजपा की कोरी कल्पना है...उन्हें सत्ता सौंपने की अटकल भाजपा द्वारा गलत विमर्श पेश करने के लिए फैलायी गयी है.''

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री को भेजे गए समन और सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के गांडेय से विधायक सरफराज अहमद के सोमवार को अचानक इस्तीफे से ये अटकलें तेज हो गईं. विपक्षी भाजपा ने दावा किया है कि अहमद को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया ताकि ईडी जांच से उत्पन्न किसी स्थिति में मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन गांडेय सीट से चुनाव लड़ सकें.

लाभ के पद से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में ईडी द्वारा समन भेजे जाने के बाद से सोरेन राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं. इसके अलावा, चुनाव आयोग ने अगस्त 2022 में झारखंड के तत्कालीन राज्यपाल रमेश बैस को एक पत्र भेजा था, जिसमें माना जाता है कि उन्हें विधायक के रूप में अयोग्य घोषित करने की सिफारिश की गई थी क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें दिए गए खनन पट्टे का नवीनीकरण किया गया था. हालांकि, न तो बैस और न ही उनके उत्तराधिकारी सीपी राधाकृष्णन ने वह पत्र खोला.

मुख्यमंत्री के एक करीबी सहयोगी के मुताबिक, गांडेय सीट खाली करना एक “तगड़ी चाल” है. उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि ऐसी आशंका है कि ईडी द्वारा सोरेन से पूछताछ के दौरान राज्यपाल पत्र खोलेंगे और एजेंसी को मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की अनिवार्य अनुमति देंगे. उन्होंने बताया कि अगर सोरेन को विधानसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ी तो वह बिना निर्वाचित हुए छह महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं.

करीबी ने बताया कि वह अवधि समाप्त होने के बाद, उपचुनाव कराने का प्रावधान मौजूद नहीं रहेगा क्योंकि नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसलिए प्रभावी तौर पर सोरेन अगले विधानसभा चुनाव तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे. उन्होंने कहा कि यदि सोरेन उप-चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं, तो वह गांडेय से लड़ेंगे , अपने वर्तमान निर्वाचन क्षेत्र बरहती से नहीं, क्योंकि इससे लोगों में ‘गलत संकेत' जाएगा.

सोरेन के करीबी ने बताया, ‘‘बिना किसी सुरक्षा उपाय के वह (सोरेन) फंस जाते. मुख्यमंत्री यह संदेश देना चाहते हैं कि आपको (केंद्रीय एजेंसियों) जो करना है करो, लेकिन मैं तैयार हूं.'' इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि ईडी द्वारा सोरेन को भेजे गए समन का जवाब देने की समयसीमा पांच जनवरी को समाप्त हो रही है.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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