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चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी, क्या करें और न करें? पूरी बात जानिए

चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है. इससे पहले सरकार ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि उन्हें किन बातों का ध्यान रखना है.

चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी, क्या करें और न करें? पूरी बात जानिए

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ एडवाइजरी जारी कर दी है. इस एडवाइजरी में उत्तराखंड के चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में आने से पहले क्या जरूरी कदम उठाने हैं, उसके बारे में जानकारी दी गई है. उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने देश भर के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष हेल्थ एडवाइजरी भेज दी गई है.

श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी

उत्तराखंड के चार धाम 3000 मीटर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित है. ज्यादा ऊंचाई पर होने की वजह से इन क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी लगातार बनी रहती है. क्योंकि इन क्षेत्रों में एक तो साल भर बर्फ रहती है और उन क्षेत्रों में वेजिटेशन ना के बराबर होता है. यही वजह है कि देशभर के अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कई बार कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हालांकि राज्य सरकार ने चार धाम में 1350 डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की है. इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल और ट्रांजिस्टर कैंप में स्वास्थ्य सुविधाओं को रखा गया है.

उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं को दी गई एडवाइजरी में श्रद्धालुओं को क्या करना है और किन चीजों से उनको बचाना है, इसके लिए सबसे पहले जो भी श्रद्धालु चारों धाम आएंगे उनको यात्रा से आने से पहले 7 दिन 10 मिनट सुबह और शाम वॉक करना है. यात्रा से पहले अपना मेडिकल चेकअप कराना जरूरी है, शरीर को उच्च हिमालय क्षेत्र के मुताबिक डालना जरूरी है, जिनका पहले स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है उनको अपनी बीमारी के मुताबिक अपनी जरूरी दवाएं साथ रखना जरूरी है. 55 साल से ऊपर व्यक्ति जिसे कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या बीमारी है उसे अपना हेल्थ चेकअप यात्रा से पहले करना अनिवार्य है. डॉक्टर की सलाह पर ही बीमार व्यक्ति या जिसको पहले से बीमारी है वह यात्रा करें.

किन बातों का ध्यान रखना जरूरी

वही हेल्थ एडवाइजरी में कहा गया है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु कम से कम सुबह 5 से 10 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें. केदारनाथ और यमुनोत्री में कठिन चढ़ाई है केदारनाथ में 21 किलोमीटर की गौरीकुंड से धाम तक खड़ी चढ़ाई है. तो वहीं यमुनोत्री की भी 5 किलोमीटर की चढ़ाई है. ऐसे में जो श्रद्धालु पैदल केदारनाथ धाम या यमुनोत्री धाम जाते हैं उनके लिए एडवाइजरी में कहा गया है कि वह आराम से रुक-रुक कर ही चढ़ाई चढ़े ज्यादा सामान लेकर चढ़ाई ना चढ़े. चढ़ाई चढ़ते हुए हल्के हल्के पानी भी पिए. यात्रा में अपने साथ ड्राई फ्रूट बिस्किट और न्यूट्रिशन डाइट वाली खाने पीने की चीजे रखें.

चारों धाम में जाने वाले तमाम श्रद्धालुओं को अगर छाती में दर्द ,सांस की परेशानी, सर्दी जुकाम खांसी, जी मचलना उल्टी आना जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आती है, तो उन्हें तत्काल अपने नजदीक हेल्थ सेंटर में जाकर चेकअप करवाना होगा. हेल्थ एडवाइजरी में यह भी कहा गया है की यात्रा के दौरान शराब और धूम्रपान न करें, जंक फूड खाने से बचें.

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