27 एकड़ में फैले दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के सरकार के आदेश के खिलाफ लड़ाई हाईकोर्ट पहुंच गई है. लेकिन इस विवाद ने दिल्ली के एलीट क्लबों को सुर्खियों में ला दिया है. इनमें 170 एकड़ में फैला दिल्ली का गोल्फ क्लब भी है. गोल्फ क्लब की सरकारी जमीन की कीमत भी आज के वक्त 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा अनुमानित है. दिल्ली में रोशनआरा क्लब लगभग 22 एकड़ की सरकारी जमीन पर फैला हुआ है. यहीं 1928 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की नींव पड़ी थी. चेम्सफोर्ड क्लब (Chelmsford Club) 1917-18 में बना था. रायसीना रोड पर संसद भवन के नजदीक सरकारी भूखंड पर बना हुआ है, जिसका नाम तत्कालीन वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड के नाम पर रखा गया था.
दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद
दिल्ली जिमखाना क्लब परिसर को केंद्र सरकार ने 5 जून तक खाली करने का आदेश दिया है. जिमखाना क्लब सफदरजंग रोड पर लुटियंस दिल्ली की 27.3 एकड़ की प्राइम लोकेशन पर है.यह प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के ठीक बगल में है. सरकार का कहना है कि वो लीज खत्म करके दिल्ली जिमखाना की जमीन डिफेंस एवं सुरक्षा कारणों से वापस ले रही है. इतनी बड़ी संपत्ति के लिए जिमखाना क्लब सिर्फ 1000 रुपये प्रति माह किराया देता है, लेकिन क्लब तक आम लोगों की पहुंच सीमित है.
दिल्ली गोल्फ क्लब कहां है
दिल्ली गोल्फ क्लब, जिमखाना क्लब से महज 4.5 किलोमीटर दूर है और उससे 8 गुना अधिक जमीन 179 एकड़ पर फैला है.दिल्ली गोल्फ क्लब देश की सबसे महंगी प्रीमियम रियल एस्टेट लोकेशन में से एक लुटियंस दिल्ली में है. ये महत्वपूर्ण सैन्य एवं सरकारी प्रतिष्ठानों के पास है. गोल्फ क्लब जाकिर हुसैन रोड पर इंडिया गेट, हुमायूं के मकबरे और लोधी गार्डन के पास है.

Delhi Golf Club History
दिल्ली गोल्फ क्लब कितना पुराना
दिल्ली गोल्फ क्लब की स्थापना ब्रिटिश काल में 1930 के दशक की शुरुआत में एक नगरपालिका गोल्फ कोर्स के रूप में हुई थी. फरवरी 1950 में यह एक कारपोरेट संस्था बनी. दशकों से यह भारत के नौकरशाही, सियासी और बिजनेस एलीट क्लास का नेटवर्क सेंटर बना हुआ है.
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दिल्ली गोल्फ क्लब में कितने सदस्य
दिल्ली गोल्फ क्लब में करीब 4 हजार सदस्य हैं, जबकि दिल्ली जिमखाना क्लब में 5600 के करीब. मौजूदा और रिटायर्ड अफसर, जज, राजनयिक, राजनेता, सेना के अधिकारी और अमिर कारोबारी इससे जुड़े हैं. दिल्ली गोल्फ क्लब (DGC) में 18 होल का लोधी कोर्स है, जिसे मशहूर गोल्फर गैरी प्लेयर ने 2019 में आकार दिया था. साथ ही 9 होल का पीकॉक कोर्स भी है. इसमें एक क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, रेस्तरां, बार और प्राइवेट पार्टी इवेंट भी हैं.
दिल्ली गोल्फ क्लब की मेंबरशिप की दौड़
दिल्ली गोल्फ क्लब सालाना 60 से 70 नए सदस्य ही जुड़ पाते हैं. रसूखदार, कारोबारी और कारपोरेट पेशेवरों में इसकी होड़ रहती है. कुछ आवेदन तो 40 से 50 साल से भी ज्यादा पुराने हैं. मौजूदा सदस्यों के आश्रितों को कोटे से प्रवेश में प्राथमिकता मिल जाती है. मौजूदा मेंबर्स के बच्चे 22 वर्ष की उम्र के होते ही विशेष कोटे में प्रवेश पा जाते हैं. सामान्य आवेदकों की तुलना में स्थायी सदस्यता पाने का ये बेहद आसान रास्ता है, जिसकी आलोचना होती है.खानदानी आधार पर बच्चों, फिर उनके बच्चों को मेंबरशिप का ये नियम सवालों के घेरे में है. सरकारी जमीन पर बनी दिल्ली गोल्फ क्लब या जिमखाना क्लब जैसी प्रॉपर्टी पर मनमाने नियमों को लोगों ने गलत ठहराया है.
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भेदभाव के आरोप
आलोचकों का कहना है कि सरकारी खजाने के खर्च पर ऐसी शानोशौकत वाली सुविधाओं का लाभ पैदाइशी अधिकार नहीं होना चाहिए. सदस्यता सीमित अवधि के लिए हो और ऐसे क्लबों के लिए कुछ बुनियादी पारदर्शी मानक तय होने चाहिए. हाईकोर्ट ने ऐसे जुड़े विवादों में नियम स्पष्ट किए हैं.
दिल्ली गोल्फ क्लब की मेंबरशिप फीस
गोल्फ क्लब की मेंबरशिप फीस भी काफी अधिक है. भारतीय कारोबारी सदस्यों के लिए फीस लगभग 15 लाख रुपये और टैक्स अलग है. सरकारी अफसरों के लिए लगभग 4.5 लाख रुपये और परिवारों के आश्रित करीब 3.5 लाख का भुगतान करते हैं. सरकारी पद के आधार पर सदस्यता लगभग 25 हजार रुपये की रियायती दरों पर मिलती है.
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