विज्ञापन
This Article is From Apr 21, 2023

गोधरा केस : साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाने के मामले में SC ने 8 दोषियों को दी जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने चार दोषियों को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया. इनको निचली अदालत ने फांसी की सजा दी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा मामले के आठ दोषियों को बेल पर रिहा कर दिया है.
गुजरात:

गुजरात के गोधरा में 2002 में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाने वाले 8 दोषियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. उम्रकैद की सजा काट रहे लोगों को कोर्ट से राहत मिली है. ये सभी दोषी 17 से 20 साल की सजा काट चुके हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने चार दोषियों को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया. इनको निचली अदालत ने फांसी की सजा दी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड और जस्टिस पी एस नरसिम्हा की बेंच ने गोधरा मामले में दोषियों की जमानत मामले पर फैसला किया. जमानत पाने वाले 8  दोषी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं.कोर्ट ने कहा कि बेल की शर्तें पूरी कर बाकी लोगों को जमानत पर रिहा किया जाए. दोषियों के वकील संजय हेगड़े ने ईद के मद्देनजर इनको जमानत पर रिहा करने की अपील की.

साबरमती एक्सप्रेस में 59 लोगों की जिंदा जलकर हो गई थी मौत
सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगाकर 59 लोगों को जिंदा जलाए जाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अब्दुल रहमान धंतिया, अब्दुल सत्तार इब्राहिम गद्दी समेत कुल 27 दोषियों की तरफ से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई की.

सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार से किया इनकार

सिर्फ पथराव नहीं, बोगी बंद कर लोगों को जलाया गया : तुषार मेहता
गुजरात सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कोर्ट ने को बताया था कि यह केवल पथराव का मामला नहीं था. दोषियों ने साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी को बंद कर दिया था, जिससे ट्रेन में सवार 59 यात्रियों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे. तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि कुछ लोग कह रहे हैं कि उनकी भूमिका सिर्फ पथराव थी, लेकिन जब आप किसी बोगी को बाहर से बंद करते हैं, उसमें आग लगाते हैं और फिर पथराव करते हैं तो यह सिर्फ पथराव का मामला नहीं है.

निचली अदालत से फांसी की सजा मिले दोषियों की जमानत याचिका पर विचार नहीं: SC
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उन दोषियों की जमानत पर विचार नहीं किया जाएगा, जिनको निचली अदालत ने फांसी की सजा दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एक आरोपी की पत्नी को कैंसर की वजह से उसकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ा दी थी.

कानून की बात: Supreme Court समलैंगिक शादी मामले की अयोध्या केस की तरह करेगा सुनवाई

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Godhra Case, Supreme Court, Sabarmati Express
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com