- दिल्ली में गिग वर्कर्स के लिए भोजन और आराम की सुविधा हेतु कई सेंटर्स अटल कैंटीन से जोड़े जाएंगे.
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गिग वर्कर्स की समस्याओं को समझकर उनके सुझावों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए.
- अटल कैंटीन योजना के तहत 100 नई कैंटीन स्थापित करने और संचालन समय में बदलाव करने का निर्णय लिया गया.
दिल्ली में गिग वर्कर्स को भोजन की सुविधा देने और उनके लिए आराम करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे. खासतौर पर राजधानी में इस योजना को अटल कैंटीन से जोड़ा जाएगा, ताकि गिग वर्कर्स कैंटीन में भोजन करने के बाद वहीं कुछ समय आराम भी कर सकें.
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने हाल ही में गिग वर्कर्स से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझा था. शुक्रवार को हुई डीडीएएसयूबी दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड) की बैठक में मुख्यमंत्री ने गिग वर्कर्स से मिले सुझावों को न केवल बजट से जोड़ा, बल्कि इस दिशा में तेजी से काम करने के भी निर्देश दिए.
दिल्ली में 100 नई अटल कैंटीन बनाने का लक्ष्य
अटल कैंटीन योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसके ढांचे और संचालन प्रणाली में बदलाव किया गया है. फिलहाल 100 कैंटीन और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स को नए तरीके से व्यवस्थित किया गया है और इसके साथ ही 100 नई अटल कैंटीन स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है.
अटल कैंटीन के संचालन समय में भी बदलाव किया गया है. अब लंच का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक और डिनर का समय शाम 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक निर्धारित किया गया है. इसके अलावा, संचालन शुरू होने से पहले 30 मिनट का अतिरिक्त समय भी शामिल रहेगा. कामकाज को सुगम बनाने के लिए संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे. वहीं फेस रिकग्निशन सिस्टम से जुड़े डेटा को अधिकतम एक माह तक ही सुरक्षित रखा जाएगा.
717 झुग्गीवासियों को मिलेंगे घर
बैठक में सावदा‑घेवरा स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स में 717 झुग्गीवासियों को आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया. इनमें 528 पात्र और 189 अपात्र श्रेणी के लाभार्थी शामिल हैं. यह अपात्र लाभार्थी कुल 258 लोगों में से हैं, जिनमें गैर‑रिहायशी झुग्गियां शामिल नहीं हैं और ये रेसकोर्स क्षेत्र की भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और डीआईडी कैंप बस्तियों से संबंधित हैं.
प्रत्येक लाभार्थी के लिए केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा डूसिब को 1,12,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. वहीं लाभार्थियों को अपने फ्लैट के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये की राशि तीन महीने के भीतर जमा करनी होगी. इसके अलावा, पहले ही हटाई जा चुकी इंदिरा कैंप (कल्याणपुरी), जी‑पॉइंट (गोल मार्केट), न्यू संजय कैंप (ओखला) और राजीव कैंप (मंडावली) की चार बस्तियों के 221 लाभार्थियों को भी सावदा‑घेवरा में फ्लैट आवंटित किए जाएंगे.
EWS फ्लैट्स की मरम्मत का काम होगा तेज
बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई विकास और मरम्मत कार्यों को मंजूरी दी गई. सुल्तानपुरी के साइट‑ए‑3 पर बने 1060 (जी+4) ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स की मरम्मत की जाएगी. इसके अलावा द्वारका सेक्टर‑16बी में 980, 736 और 288 पांच मंजिला मकानों को रहने योग्य बनाया जाएगा. भलस्वा (जहांगीरपुरी पॉकेट‑II) में 7,400 फ्लैट्स के लिए सड़क, पार्क, सीवर सिस्टम और रास्तों के विकास को भी मंजूरी दी गई है.
डूसिब सीईओ की वित्तीय शक्ति बढ़ी
प्रशासनिक स्तर पर एक अहम फैसला लेते हुए डूसिब के सीईओ की वित्तीय स्वीकृति सीमा को 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी. वहीं शेल्टर होम के संचालन और प्रबंधन के लिए मौजूदा एजेंसियों का कार्यकाल 31 मई 2026 तक या नई एजेंसियों के कार्यभार संभालने तक, मौजूदा शर्तों पर बढ़ा दिया गया है.
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