- पुलिस ने तीन बहनों के पिता का मोबाइल फोन बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है
- पिता ने मोबाइल फोन घटना से दो हफ्ते पहले एक दुकानदार को पंद्रह हजार रुपये में बेच दिया था
- पुलिस ने अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं पाया है कि तीनों बहनें किसी कोरियन टास्क‑बेस्ड ऑनलाइन गेम में शामिल थीं
गाज़ियाबाद में आत्महत्या करने वाली तीन बहनों के पिता का वह मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद कर लिया है, जिसे उन्होंने घटना से लगभग दो हफ्ते पहले एक दुकानदार को बेच दिया था. पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. पुलिस का मानना है कि फोन से डेटा रिकवर करना बेहद जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं तीनों बहनों की आत्महत्या का संबंध किसी टास्क‑बेस्ड ऑनलाइन कोरियन गेम से तो नहीं था.
कई लोगों का दावा है कि ये तीनों लड़कियां ऐसे किसी गेम की आदी थीं. ट्रांस हिंडन के डीसीपी निमिष पाटिल ने पीटीआई को बताया कि शुरुआती जांच में अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि लड़कियां किसी कोरियन ऐप का इस्तेमाल कर रही थीं.
4 फरवरी को हुई थी घटना
4 फरवरी को तीनों बहनें निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) — अपने अपार्टमेंट की नौवीं मंज़िल से कूद गई थीं. इसके बाद उनके पिता चेतन कुमार ने दावा किया था कि बेटियां करीब तीन साल से एक कोरियन गेम खेल रही थीं और इसी वजह से उन्होंने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था.
तीनों बहनों के कमरे से मिली नौ पन्नों की एक छोटी डायरी ने उनके मानसिक हालात और उनकी दुनिया की झलक दिखाई है जिसमें कोरियन कल्चर के प्रति गहरा लगाव और परिवार के भीतर चल रही तनावपूर्ण स्थितियों का जिक्र है. पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली के शालीमार गार्डन इलाके से वह मोबाइल बरामद किया. जांच में यह भी पता चला कि पिता ने यह फोन 15,000 रुपये में बेचा था, ठीक दो हफ्ते पहले जब लड़कियों ने आत्महत्या की.
जांच में यह भी सामने आया है कि लड़कियां अवसाद में थीं क्योंकि उनके पिता ने उनके मोबाइल फोन उनसे छीन लिए थे. इससे वे न तो ऑनलाइन गेम खेल पा रही थीं और न ही अपने कोरियन दोस्तों से इंटरनेट पर बात कर पा रही थीं.
पुलिस ने अब तक क्या-क्या बताया है?
पुलिस के मुताबिक, बहनों की डायरी में कई बार कोरिया के प्रति उनके गहरे लगाव और परिवार द्वारा उस रुचि को छोड़ने के लिए दबाव डालने का जिक्र मिलता है. डायरी में लिखा है “We love Korean. Love, love, love.” और इसे अपनी “true life story” बताया गया है, जिसमें लिखा है कि जो कुछ भी लिखा है, वह सच है और उस पर विश्वास किया जाए.
डायरी में यह भी आरोप है कि माता‑पिता उनकी रुचियों और भविष्य के फैसलों के खिलाफ थे, खासकर उनकी पसंद और शादी को लेकर. उसमें लिखा है “आप चाहते थे कि हम कोरियन छोड़ दें. कोरियन हमारी जिंदगी था. आप चाहते थे कि हमारी शादी किसी इंडियन से हो, ये कभी नहीं हो सकता.”डायरी में शारीरिक सजा का भी जिक्र है और वह पिता के नाम एक माफ़ी के साथ खत्म होती है. उसमें लिखा है “आपकी मार से मौत बेहतर है. इसलिए हम सुसाइड कर रहे हैं… सॉरी पापा.”
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