24 फरवरी को उमेश पाल के मर्डर के बाद से ही असद और गुलाम मोहम्मद फरार थे.
नई दिल्ली:
- असद अहमद साल 2005 में बसपा विधायक की हत्या के गवाह और वकील उमेश पाल की हत्या के मामले में वांछित था. उमेश पाल की 24 फरवरी 2023 को हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल को प्रयागराज में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी. उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी को भी गोली लगी थी. वारदात की सीसीटीवी फुटेज में बंदूक के साथ नजर आ रहा है.
- पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गोली मारने के बाद असद लखनऊ भाग गया था. उमेश पाल की दिनदहाड़े हुई हत्या ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए. इसके बाद इसमें शामिल लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस हरकत में आ गई. पुलिस से बचने के लिए असद अपने ठिकाने बदलता रहा.
- लखनऊ से असद कानपुर भाग गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि वहां से वह मेरठ गया और वहां एक सप्ताह तक रहा. इसके बाद वह दिल्ली चला गया और वहां संगम विहार इलाके में रहा. इसके बाद वह अजमेर चला गया. वहां से वह मध्य प्रदेश जाने की योजना बनाई. पुलिस सूत्रों ने बताया कि लगातार ठिकाने बदलते हुए असद ने पुलिस से बचने के लिए 10 सिम कार्ड भी बदले.
- उत्तर प्रदेश पुलिस सूत्रों ने बताया कि अतीक अहमद के गिरोह में उनका एक मुखबिर था, जो उन्हें असद के ठिकानों के बारे में जानकारी देता रहा. जैसे ही असद झांसी पहुंचा, पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए शहर में जगह-जगह छापेमारी शुरू कर दी. असद और हत्याकांड में सह-आरोपी गुलाम गुरुवार को बाइक से मध्य प्रदेश के लिए निकले थे. पुलिस से बचने के लिए उसने वेश भी बदल हुआ था.
- असद पर नजर रख रही यूपी स्पेशल टास्क फोर्स की एक टीम ने दोनों को मध्य प्रदेश के रास्ते में इंटरसेप्ट किया. पुलिस के मुताबिक, गुलाम ने 12 सदस्यीय पुलिस टीम पर फायरिंग की. पुलिस की जवाबी फायरिंग में असद और गुलाम को गोली मार दी गई. मुठभेड़ के दौरान करीब 42 राउंड फायरिंग की गई.
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