NDTV के इंडो-जापान स्ट्रैटेजिक डायलॉग में जापानी कंटेंट क्रिएटर मायो मुरासाकी ने अपनी बात रखी. मुरासाकी 'मायो जापान' के नाम से पॉपुलर हैं. उन्होंने भारत के प्रति अपने प्यार, हिंदी सीखने, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक अंतर और बॉलीवुड जैसे कई विषयों पर बात की. उन्होंने बताया कि मुंबई अब उन्हें अपने घर जैसा लगता है. NDTV के अरुण सिंह ने मायो का परिचय देते हुए उन्हें 'भारत और जापान के बीच एक सांस्कृतिक सेतु' बताया.
उन्होंने कहा, 'उन्होंने हिंदी सीखने का फैसला किया, खुद को भारतीय संस्कृति में ढाला और आज YouTube पर उनके भारतीय दर्शकों की संख्या बहुत बड़ी है. अपने वीडियो के जरिए वह भारत और जापान के बीच एक सांस्कृतिक सेतु बन गई हैं, जो यह साबित करता है कि भाषा सिर्फ शब्दों के बारे में नहीं है, यह जुड़ाव के बारे में है.'
गुलाबी साड़ी पहने मायो ने 'नाटू नाटू' गाने पर डांस करते हुए जोश के साथ एंट्री की और फिर धाराप्रवाह हिंदी में दर्शकों का अभिवादन किया. उन्होंने कहा, 'बहुत-बहुत धन्यवाद. मैं हिंदी बोलने वाली जापानी लड़की हूं. मैंने जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी से हिंदी में BA किया है.'
'मुंबई घर जैसा लगता है'
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत अब उनका घर है, तो मायो ने 'हाँ' में जवाब दिया. उन्होंने बताया कि वह एक साल पहले मुंबई आई थीं और तब से उन्हें एक स्थानीय परिवार ने अपनाया है, जिसने उन्हें भारतीय परंपराओं को और गहराई से समझने में मदद की है.
उन्होंने कहा, 'मैं अब मुंबई में रह रही हूं और यह सचमुच घर जैसा लगता है. मेरी होस्ट मदर 'घूमर' की कोरियोग्राफर हैं. उन्होंने मुझे भारतीय संस्कृति के कई पहलुओं से परिचित कराया है और मुझे बहुत कुछ सिखाया है. उनकी वजह से मुंबई सचमुच घर जैसा लगता है.'
'भारतीय बहुत जल्दी दोस्त बन जाते हैं'
भारत आने के बाद महसूस किए गए सबसे बड़े सांस्कृतिक अंतर के बारे में बात करते हुए, मायो ने कहा कि वह भारतीयों के मिलनसार और स्वागत करने वाले स्वभाव से बहुत प्रभावित हुईं. यहां के लोग जापान की तुलना में ज्यादा मिलनसार हैं. ऐसा नहीं है कि जापानी लोग मिलनसार नहीं होते, लेकिन करीबी बनने में समय लगता है. भारत में, लोग जल्दी ही आपको घर आने, परिवार के साथ खाना खाने और दोस्त बनने के लिए कहते हैं. मुझे घर का बना खाना खाने के लिए कई निमंत्रण मिले हैं और मुझे यह बहुत पसंद है.'
जब उनसे उनकी पसंदीदा भारतीय डिश पूछी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए उन्होंने बताया- 'आलू पराठा.'
'जापान को भारत के बारे में बताना एक चुनौती है'
भारतीय और जापानी दोनों तरह के दर्शकों के लिए कंटेंट बनाने वाली मायो ने कहा कि जापान को भारत से परिचित कराना कोई आसान काम नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत बहुत विविधताओं वाला देश है. दिल्ली का माहौल अलग है, तो नागालैंड का बिल्कुल अलग. यहां इतने सारे कल्चर, खाने और परंपराएं हैं कि भारत को एक तस्वीर में समेटना मुश्किल है. यही सबसे बड़ी चुनौती है.'
सब कुछ कैसे शुरू हुआ?
मायो ने बताया कि भारत के प्रति उनका लगाव बचपन में ही शुरू हो गया था, क्योंकि उनके पिता अक्सर हिमालय की यात्रा करते थे.वे वहां से यादगार चीजें लाते थे और वे मेरी बचपन की यादों का हिस्सा बन गईं. बाद में, जब मैं यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के विषय के बारे में सोच रही थी, तो उन्होंने हिंदी चुनने का सुझाव दिया क्योंकि भारत का कल्चर बहुत दिलचस्प है. जब मैंने इसकी पढ़ाई शुरू की, तो मुझे इस देश से प्यार हो गया.
बॉलीवुड ने एक और दरवाजा खोला
जब उनसे उनकी देखी गई पहली हिंदी फिल्म के बारे में पूछा गया, तो मायो ने बताया कि यूनिवर्सिटी के दिनों में उन्होंने 'रा.वन' (Ra.One) देखी थी. उन्होंने कहा कि मेरे सीनियर्स ने एक मूवी नाइट रखी थी और हमने 'रा.वन' देखी. बाद में मैंने 'ओम शांति ओम' देखी. जब उनसे उनके पसंदीदा बॉलीवुड स्टार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, रणवीर सिंह.
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