- मुंबई की एक एड एजेंसी में करीब 1.40 लाख रुपये की सुनियोजित ठगी का मामला सामने आया है.
- आरोपियों ने केएल राहुल, अथिया शेट्टी और अरशद वारसी जैसे नामों का उपयोग कर फर्जी प्रोजेक्ट्स बनाए थे.
- तीन कर्मचारियों ऋषभ सुरेखा, यश नागरकोटी और आशय शास्त्री पर फर्जी बिल बनाकर कंपनी से पैसे निकालने का आरोप है.
मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित एक एडवरटाइजमेंट और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी के भीतर करोड़ों रुपये की सुनियोजित ठगी का मामला सामने आया है. क्रिकेटर केएल राहुल, अभिनेत्री अथिया शेट्टी और फिल्म अभिनेता अरशद वारसी जैसे नामी सेलिब्रिटीज के नाम और फर्जी प्रोजेक्ट्स दिखाकर आरोपियों ने अपनी ही कंपनी को चूना लगा दिया. पुलिस ने अपनी ही कंपनी से पैसा निकालने के आरोप में एजेंसी के तीन कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोप है कि कंपनी से जुड़े इन तीन कर्मचारियों ने फर्जी बिल के माध्यम से करीब 1 करोड़ 41 लाख रुपये निकालने लिए.
इस मामले में पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि क्रिकेटर केएल राहुल, अभिनेत्री अथिया शेट्टी और फिल्म अभिनेता अरशद वारसी जैसे चर्चित नामों का इस्तेमाल किया गया और फर्जी एडवरटाइजमेंट प्रोजेक्ट्स तैयार किए गए. इसके लिए आरोपियों ने जाली इनवॉइस, नकली सिग्नेचर और फर्जी ईमेल आईडी तक बनाई गईं, जिससे भुगतान को असली दिखाया जा सके.
तीन कर्मचारियों पर शक, अंदरूनी साजिश का आरोप
पुलिस के मुताबिक इस मामले में जिन तीन लोगों के नाम सामने आए हैं. वे हैं – ऋषभ सुरेखा, यश नागरकोटी और आशय शास्त्री. आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर कंपनी के भरोसे का फायदा उठाया और ब्रांड्स व सेलिब्रिटी प्रोजेक्ट्स के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर कंपनी से पैसे निकाल लिए.
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है और इस मामले में डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं. अभी तक पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है.
फर्म में कर्मचारी जेनी एंथोनी ने दर्ज कराई शिकायत
शिकायतकर्ता 28 वर्षीय जेनी एंथोनी इस एडवरटाइजमेंट फर्म में कर्मचारी हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि कंपनी का हेड ऑफिस हरियाणा में है, जबकि मुंबई के अंधेरी पश्चिम में उसकी शाखा चलती है.
आरोपी ऋषभ सुरेखा जुलाई 2023 में कंपनी से जुड़े थे और सीनियर मैनेजर (क्लाइंट सर्विसिंग – इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग) के तौर पर काम कर रहे थे. उनकी जिम्मेदारी ब्रांडिंग, इन्फ्लुएंसर कोऑर्डिनेशन और प्रोजेक्ट ऑपरेशंस देखने की थी. साथ ही उन्हें फाइनेंस टीम और कंपनी के सीईओ तक प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी पहुंचाने का अधिकार भी था.
इसी भरोसे का फायदा उठाकर सुरेखा ने अपनी मां के इलाज का हवाला देते हुए कंपनी से 15 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त लोन भी लिया.
हैवल्स और दीया मिर्जा वाला प्रोजेक्ट बना शक की शुरुआत
एफआईआर के मुताबिक, अगस्त 2024 में सुरेखा ने कथित तौर पर आशय शास्त्री की मदद से अभिनेत्री दिया मिर्जा को लेकर हैवेल्स के लिए एक विज्ञापन प्रोजेक्ट लाने का दावा किया. कंपनी को बताया गया कि प्रोडक्शन हाउस को 31 लाख रुपये देने हैं, लेकिन बाद में सामने आया कि प्रोडक्शन हाउस के प्रमुख को 62 लाख रुपये की डील बताई गई थी. यहीं से गड़बड़ी पकड़ में आई.
जांच में यह भी सामने आया कि अलग-अलग फर्जी प्रोजेक्ट्स के जरिए 52 लाख रुपये से ज्यादा रकम सीधे सुरेखा के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई.
फर्जी ईमेल, नकली सिग्नेचर और झूठे प्रोजेक्ट
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कंपनी की ऑफिशियल ईमेल आईडी का गलत इस्तेमाल किया. टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसियों और क्लाइंट्स से बात करते वक्त खुद को अधिकृत प्रतिनिधि बताकर पेश किया गया. आरोप है कि अथिया शेट्टी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और अरशद वारसी के नाम से नकली ईमेल आईडी बनाकर ऐसे प्रोजेक्ट दिखाए गए, जो असल में कभी थे ही नहीं.
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