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असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा हुए बीजेपी में शामिल

असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा रविवार को भाजपा में शामिल हो गए हैं. बोरा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों पर सवाल उठाए थे.

असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा हुए बीजेपी में शामिल
  • असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा और पूर्व नेता संजू बरुआ रविवार को भाजपा में शामिल हो गए.
  • बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और इसके लिए पार्टी सांसद रकीबुल हुसैन को मुख्य कारण बताया था.
  • साथ ही भूपेन बोरा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर सवाल उठाए थे.
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असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा भाजपा में शामिल हो गए हैं. भूपेन बोरा के साथ ही कांग्रेस के पूर्व नेता संजू बरुआ भी रविवार को पार्टी में शामिल हो गए. इसी साल होने वाले असम विधानसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. दोनों ही नेताओं ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के कथित पाकिस्‍तानी संबंधों को लेकर सवाल उठाए थे. भूपेन बोरा असम के मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित 'मन की बात' कार्यक्रम में शामिल होंगे. 

भूपेन बोरा और संजू बरुआ के साथ ही कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है. हाल ही में बोरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसके बाद से ही असम की राजनीति में एक बड़े उलटफेर का संकेत मिलने लगा था. 

3 दशक से कांग्रेस से जुड़े थे बोरा

इस मुलाकात के बाद बोरा ने कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा था और कहा था कि उन्होंने अमित शाह को भरोसा दिलाया है कि 8 मार्च तक कांग्रेस के कई और कद्दावर नेता भाजपा का दामन थाम लेंगे. उन्होंने प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनका सम्मान तो करते हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनके चेहरे पर मुस्कान गायब थी, जो उनकी चिंता को दर्शाता है. 

कांग्रेस से करीब 3 दशक से जुड़े बोरा ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्‍यू में कांग्रेस से इस्तीफे की मुख्य वजह 'अपमान' को बताया था और कहा था कि उन्होंने यह कदम अपने 'आत्मसम्मान की रक्षा' के लिए उठाया है. साथ ही इसी इंटरव्यू में बोरा ने कहा कि कांग्रेस अब सेक्यूलर नहीं रही. 

असम की राजनीति में बड़ा नाम हैं बोरा 

  • भूपेन बोरा अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं, जो पिछले 32 सालों तक कांग्रेस में रहे और उन्‍होंने हाल ही में कांग्रेस से किनारा कर लिया था. 
  • बोरा ने 2006 से 2016 तक बिहपुरिया सीट का प्रतिनिधित्व किया और असम विधानसभा के दो कार्यकाल पूरे किए. वे 2021 से 2024 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. 
  • तरुण गोगोई के कार्यकाल के दौरान वे असम सरकार के संसदीय सचिव और प्रवक्ता रहे. 2013 में उन्हें असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. 
  • बोरा नॉर्थ लखीमपुर कॉलेज छात्र संघ के उपाध्यक्ष और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर छात्र संघ के महासचिव भी रहे. 
  • उनका जन्म 30 अक्टूबर 1970 को लखीमपुर के पोहुमोरा में हुआ था. उन्होंने नॉर्थ लखीमपुर कॉलेज और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की.
  • डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी में छात्र नेता के रूप में उन्होंने प्रसिद्धि प्राप्त की और छात्रों के बीच अपने विचारों को स्थापित किया, जब भूपेन बोरा डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में पढ़ रहे थे, तब केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी वहीं पढ़ते थे और दोनों ही ऑल असम स्‍टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) के सदस्य थे. 
  • भूपेन बोरा एपीसीसी अध्यक्ष थे, तब वे हर मुद्दे पर मुखर रहते थे. बोरा कांग्रेस के उन प्रमुख नेताओं में से एक थे जिन्होंने पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य किया और जब भी पार्टी ने उन्हें कोई भूमिका सौंपी, उन्होंने बिना किसी आपत्ति के उसे स्वीकार किया. 

इन कांग्रेस नेताओं पर लगाए थे आरोप 

NDTV के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में भूपेन बोरा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पार्टी में उनके खिलाफ अभियान चलाया गया. बोरा ने कहा कि रकीबुल हुसैन ने उनके खिलाफ पार्टी में अभियान चलाया और उन्हें हाशिए पर डाल दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई हमेशा रकीबुल हुसैन का समर्थन करते रहे हैं. साथ ही कहा कि गौरव गोगोई ने हर समिति और हर निर्णय लेने वाली प्रक्रिया में रकीबुल हुसैन को आगे बढ़ाया.
 

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