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अब अखबार में खाना परोसा तो होगी कार्रवाई, FSSAI ने लगाई रोक; स्याही से शरीर को क्या नुकसान है?

फूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड्स (पैकेजिंग ) रेगुलेशन 2018 के तहत भोजन को रखने, लपेटने या पैक करने के लिए अखबार का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है.

अब अखबार में खाना परोसा तो होगी कार्रवाई, FSSAI ने लगाई रोक; स्याही से शरीर को क्या नुकसान है?
FSSAI ने कहा है कि खाने को पैक करने या परोसने के लिए अखबार का इस्तेमाल तत्काल बंद करें.

अगर आप भी सड़क किनारे ठेले पर अखबार में लिपटा हुआ गरमा-गरम वड़ा-पाव, समोसा या चाट बड़े चाव से खाते हैं, तो संभल जाइए. आपकी यह पसंद आपको गंभीर रूप से बीमार बना सकती है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अब इस मामले में सख्ती बरती है. FSSAI ने देश के सभी खाद्य विक्रेताओं, रेस्तरां मालिकों, स्ट्रीट फूड वेंडर्स और फूड बिजनेस ऑपरेटरों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए खाने-पीने की चीजों को अखबार में पैक करने या परोसने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.

यह फैसला हाल ही में मुंबई में हुई एक बड़ी कार्रवाई के बाद आया है. मुंबई में के एक बेहद मशहूर वड़ा-पाव विक्रेता को ग्राहकों को अखबार में खाना परोसते और पैक करते हुए पाया गया था. इसके बाद FSSAI के पश्चिमी क्षेत्र और मुंबई नगर निगम (BMC) ने मिलकर उस दुकान पर संयुक्त कार्रवाई की. इस घटना के बाद अथॉरिटी ने साफ कर दिया है कि जो भी दुकानदार या वेंडर इस आदेश को नहीं मानेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

ये आदेश स्ट्रीट फूड विक्रेता,रेस्तरां, क्लाउड किचन,कैटरर्स, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट, फूड स्टॉल, छोटे दुकानदार, मोबाइल फूड वेंडर, हॉकर आदि पर लागू होगा.

क्यों खतरनाक है अखबार में खाना?

FSSAI ने इसके पीछे की गंभीर वजहों को जिक्र किया है. अथॉरिटी के मुताबिक, अखबार की छपाई में जिस स्याही का इस्तेमाल होता है, उसमें कई तरह के हानिकारक रसायन, रंग, पिगमेंट और सीसा जैसी भारी धातुएं पाई जाती हैं. जब गर्म खाना अखबार पर रखा जाता है, तो यह स्याही पिघलकर भोजन में मिल जाती है. लंबे समय तक ऐसा दूषित खाना खाने से शरीर में ये धीमा जहर इकट्ठा होने लगता है. इससे गंभीर बीमारियों का जोखिम बना रहता है.

केमिकल के अलावा अखबार से संक्रमण फैलने का खतरा भी बहुत ज्यादा होता है. छपाई से लेकर परिवहन और वितरण के दौरान अखबार अनगिनत लोगों के हाथों से होकर गुजरता है. इस पूरी प्रक्रिया में अखबार पर धूल-मिट्टी के साथ-साथ कई तरह के खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस जमा हो जाते हैं. जब इसमें खाना रखा जाता है, तो ये कीटाणु पेट में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग और पेट की अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं.

कानूनी तौर पर भी अखबार का इस्तेमाल पूरी तरह अवैध है. फूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशन 2018 के तहत भोजन को रखने, लपेटने या पैक करने के लिए अखबार का उपयोग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. 

ग्राहक भी कर सकते हैं शिकायत

FSSAI ने इस मुहिम में आम जनता यानी ग्राहकों को भी जागरूक होने की अपील की है. अथॉरिटी ने कहा है कि अगर आपको किसी दुकान, रेस्तरां या ठेले पर अखबार में खाना परोसते हुए देखा जाए, तो सतर्क रहें.  

नियमों को जमीन पर सख्ती से लागू करने के लिए FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग मिलकर लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण करेंगे. अगर कोई भी दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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