- पंजाब के फिरोजपुर में तैनात फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार का निलंबन नौ दिन बाद वापस ले लिया गया है
- कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ ने अभिनव कुमार से मिलकर उनकी गलती माफ कर उन्हें पुनः ड्यूटी निभाने का मौका दिया
- अभिनव कुमार ने बहाली के बाद विभाग का धन्यवाद करते हुए पूरी ईमानदारी और मेहनत से सेवा का भरोसा दिया
पंजाब के फिरोजपुर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. 9 अक्टूबर को उनका निलंबन वापस ले लिया गया. पंजाब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की कमिश्नर आईएएस कंवलप्रीत बराड़ को महज 9 दिन में ही अपना फैसला बदलना पड़ा.
बहाली के बाद क्या बोले अभिनव कुमार?
एनडीटीवी से फोन पर बातचीत में अभिनव कुमार ने अपनी फ़िरोज़पुर में बहाली की ख़बर की पुष्टी की. उन्होंने ये भी बताया कि अभी बहाली पत्र आना बाकी है और ये पत्र सिविल सर्जन दफ्तर फ़िरोज़पुर को भेजा जाएगा. अभिनव ने विभाग के इस फ़ैसले पर ख़ुशी जताते हुए एनडीटीवी का भी शुक्रिया अदा किया, कि उन्होने उनकी ख़बर को प्राथमिकता से दिखाया. निलंबन से बहाल होने के बाद फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार ने कहा, "मैं बताना चाहता हूं कि मैंने माननीय कमिश्नर मैडम जी से मिलकर अपना पक्ष रखा था. मैडम जी ने मेरी बात बड़े ध्यान और सहजता से सुनी और मेरी गलती को माफ करते हुए मुझे दोबारा अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी, लगन और मेहनत से निभाने का मौका दिया है."
फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार ने यह भी कहा, "मैं मैडम जी का दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास जताते हुए मुझे दोबारा फिरोजपुर में तैनात किया है. उन्होंने मुझे प्रेरित किया है कि मैं पूरी लगन और मेहनत से लोगों की सेवा करूं. मैं मैडम जी को विश्वास दिलाता हूं कि मैं उनके भरोसे को कभी टूटने नहीं दूंगा और पहले से भी अधिक मेहनत, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ लोगों की सेवा करूंगा."
बता दें कि पंजाब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की कमिश्नर आईएएस कंवलप्रीत बराड़ ने 1 अक्टूबर को फिरोजपुर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार को निलंबित कर दिया था. निलंबन आदेश के अनुसार, पंजाब सिविल सर्विसेज नियमावली, 1970 के नियम-8 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय, तरनतारन निर्धारित किया गया था.
साधारण परिवार से निकलकर बने फूड सेफ्टी अफसर
42 वर्षीय अभिनव कुमार की कहानी बेहद दिलचस्प है. साधारण परिवार से आने वाले अभिनव कुमार फिरोजपुर के रहने वाले हैं. माता-पिता की मेहनत और अपनी लगन के दम पर उन्होंने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और वर्ष 2009 में पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में लुधियाना से बतौर फूड सेफ्टी अफसर अपने करियर की शुरुआत की.
निलंबन के विरोध में हाईवे पर उतरे लोग
अभिनव कुमार के निलंबन के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए थे. आमजन और किसान यूनियन समेत कई संगठनों ने 8 अक्टूबर को फिरोजपुर-दिल्ली हाईवे सुबह 11 बजे से शाम 4:30 बजे तक जाम कर दिया था. हालांकि, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को आने-जाने की अनुमति दी गई थी. बाद में प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया था.
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