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बंगाल चुनाव में पहली बार किसी भी बूथ पर नहीं होगा री-पोल, तमिलनाडु में भी कमाल

Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हो चुका है. अब दूसरे चरण के मतदान की तैयारी चल रही है, जो 29 अप्रैल को होगी. इस बीच बंगाल चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ है कि राज्य के किसी भी बूथ पर दोबारा वोटिंग नहीं होगी.

बंगाल चुनाव में पहली बार किसी भी बूथ पर नहीं होगा री-पोल, तमिलनाडु में भी कमाल
बंगाल चुनाव के लिए मतदान की कतार में खड़ी महिलाएं.
कोलकाता:

बंगाल के चुनावी इतिहास में हिंसा, मारपीट, हमला, बूथ कैंप्चरिंग, बमबाजी जैसी घटनाओं का एक लंबा फेहरिस्त रहा है. लेकिन इस बार का चुनाव बहुत हद तक शांतिपूर्ण बीता है. मुर्शिदाबाद, दक्षिण दिनाजपुर और आसनसोल में कुछ जगहों से झड़प की खबरें सामने आई, लेकिन कुल मिलाकर बंगाल में पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण ही बीता. इस शांतिपूर्ण चुनाव का यह असर है कि बंगाल में पहली बार किसी भी बूथ पर दोबारा वोटिंग नहीं होगी. 

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 - पहला चरण

  • कुल मतदाता - 3,60,77,171 (3.61 करोड़)
  • वोटिंग % - 92.88 %
  • कुल मतदान करने वाले लोग - 3,35,08,476 (3.35 करोड़)

पहले चरण में 152 सीटों की 44376 बूथों पर वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में 152 विधानसभा की 44376 बूथों पर मतदान हुआ है. बंपर वोटिंग ने तो नया रिकॉर्ड बनाया ही, साथ ही बंगाल में ऐसा पहली बार हुआ जब चुनाव आयोग को किसी सीट पर फिर से वोटिंग करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. 

फॉर्म 17ए की जांच के बाद रि-पोल की सिफारिश नहीं

भारतीय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के पहले चरण और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव सही ढंग से संपन्न कराए हैं. आयोग ने शनिवार को जानकारी दी कि फॉर्म 17ए और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई.

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फॉर्म 17ए की जांच की प्रक्रिया पूरी

निर्वाचन आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल में हुए चुनावों के प्रथम चरण और तमिलनाडु में सभी सीटों पर हुए मतदान के बाद फॉर्म 17ए सहित मतदान से जुड़े दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है. यह प्रक्रिया शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई.

मतदान से जुड़ी गड़बड़ियों की हुई जांच

आयोग ने पारदर्शिता को मजबूत करने, मतदान केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता लगाने और जरूरत पड़ने पर दोबारा मतदान की सिफारिश करने के लिए फॉर्म 17ए और मतदान के दिन के अन्य दस्तावेजों व रिकॉर्ड की जांच के संबंध में निर्देश जारी किए थे.

इसके तहत, पश्चिम बंगाल (प्रथम चरण) के उन सभी 152 विधानसभा क्षेत्रों में दस्तावेजों की जांच सुचारू रूप से संपन्न हुई, जहां मतदान हुआ था. यह जांच रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) की ओर से सामान्य पर्यवेक्षकों और 600 से अधिक उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में की गई.

उम्मीदवारों ने भी नहीं की दोबारा वोटिंग की सिफारिश

पहले चरण के सभी 1,478 उम्मीदवारों को जांच प्रक्रिया में भाग लेने के लिए जांच की तारीख, समय और स्थान के बारे में सूचित किया गया था. चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि जांच के बाद 23 अप्रैल को जिन 44,376 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ था, उनमें से किसी पर भी दोबारा मतदान की सिफारिश नहीं की गई.

तमिलनाडु के 75064 बूथों पर भी कहीं भी रि-पोल की जरूरत नहीं

इसी तरह, तमिलनाडु में 234 विधानसभा क्षेत्रों के 75,064 मतदान केंद्रों की जांच भी शांतिपूर्वक पूरी हुई. यहां भी 4,023 उम्मीदवारों को पूर्व सूचना दी गई थी और 1,825 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रक्रिया संपन्न हुई. यहां भी किसी भी स्थान पर पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं पाई गई.

चुनाव आयोग ने बताया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई और जांच के बाद सभी दस्तावेज फिर से सुरक्षित रूप से सील कर दिए गए हैं. ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है. सुरक्षा व्यवस्था के तहत डबल-लॉक सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और 24 घंटे सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.

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