विज्ञापन

वो सुपरस्टार, जिन्हें रिश्तेदारों ने बनाया नौकरानी, भगाया घर से, बनी सबसे महंगी एक्ट्रेस, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित

कानन देवी का नाम इतना बड़ा हो गया कि लोग उनकी एक झलक पाने के लिए भीड़ लगाने लगे. वे उस दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शामिल थीं.

वो सुपरस्टार, जिन्हें रिश्तेदारों ने बनाया नौकरानी, भगाया घर से, बनी सबसे महंगी एक्ट्रेस, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित
इस एक्ट्रेस को पहचाना क्या ?
नई दिल्ली:

भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर में कई ऐसे कलाकार हुए, जिनकी कहानी खुद किसी फिल्म से कम नहीं थी. ऐसी ही एक शख्सियत थीं कानन देवी, जिन्होंने गरीबी, संघर्ष और समाज के विरोध के बावजूद अपनी एक अलग पहचान बनाई.  उन्हें बांग्ला सिनेमा की पहली सुपरस्टार अभिनेत्री माना जाता है. उस समय जब फिल्मों में महिलाओं की मौजूदगी भी कम थी, कानन देवी ने अपनी मेहनत और हुनर से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई और भीड़ खींचने वाली बड़ी स्टार बनकर उभरीं.

Latest and Breaking News on NDTV

पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर में हुआ था जन्म

कानन देवी का जन्म 22 अप्रैल 1916 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर में हुआ था. बचपन से ही उनकी जिंदगी आसान नहीं रही. जब वे बहुत छोटी थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया और परिवार पर आर्थिक संकट आ गया. घर चलाने की जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई, और छोटी उम्र में ही कानन को भी काम करना पड़ा. पढ़ाई की उम्र में उन्होंने मुश्किल हालात देखे, लेकिन यही संघर्ष आगे चलकर उनकी ताकत बना.

महज 10 साल की उम्र में उन्होंने फिल्मों में कदम रखा. उन्हें पहली बार फिल्म 'जयदेव' में छोटा सा रोल मिला. उस दौर में महिलाओं के लिए फिल्म इंडस्ट्री में काम करना आसान नहीं था, लेकिन कानन ने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनानी शुरू की. शुरुआत में वे बाल कलाकार के रूप में नजर आईं, लेकिन जल्द ही उनकी प्रतिभा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई.

Latest and Breaking News on NDTV

यह भी पढ़ें - Manoj Kumar bungalow: जब सपनों के लिए बिक गया जुहू का आलीशान बंगला, मनोज कुमार की ‘क्रांति' के पीछे छुपी असली कुर्बानी

कानन देवी जब न्यू थिएटर से जुड़ीं, तो उनके करियर को एक नई ऊंचाई मिली. यहां उनकी मुलाकात मशहूर संगीतकार राय चंद बोराल से हुई, जिन्होंने उन्हें संगीत की बारीकियां सिखाईं. इसके बाद उन्होंने अभिनय के साथ-साथ सिंगिंग में भी अपनी पहचान बनाई. फिल्म 'मुक्ति' उनकी सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही, जिसने उन्हें स्टार बना दिया.

लाखों में लेती थीं फीस 

धीरे-धीरे कानन देवी का नाम इतना बड़ा हो गया कि लोग उनकी एक झलक पाने के लिए भीड़ लगाने लगे. वे उस दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शामिल थीं. जब फिल्मों का बजट कम होता था, तब भी उनकी फीस लाखों में होती थी. यही वजह थी कि उन्हें बांग्ला सिनेमा की पहली सुपरस्टार कहा जाने लगा. उनके गाने भी लोकप्रिय हुए.

Latest and Breaking News on NDTV

यह भी पढ़ें - Ramayana Bharat : रामायण के भरत की दर्दनाक मौत से हिल गया था पूरा देश, एक किसान जिन्हें रामानंद सागर ने बना दिया एक्टर, फिल्मों में भी मचाई थी धूम

कई हिट फिल्में दी 

साल 1941 के बाद उन्होंने स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू किया और कई हिट फिल्में दीं. बाद में उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस भी शुरू किया और फिल्म निर्माण में भी हाथ आजमाया. यह उस दौर में बहुत बड़ी बात थी, जब महिलाएं इस क्षेत्र में कम ही नजर आती थीं.

उनके योगदान को देखते हुए कई बड़े सम्मान मिले. साल 1968 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया. इसके बाद 1976 में उन्हें भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भी दिया गया.

Latest and Breaking News on NDTV

कानन देवी ने करीब तीन दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री में काम किया और अभिनय, गायन और फिल्म निर्माण, तीनों क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी। 17 जुलाई 1992 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी विरासत आज भी जिंदा है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com