दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिले की थाना सुभाष प्लेस पुलिस ने विदेश में नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कथित रैकेट का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में कथित मास्टरमाइंड अबीर पोइलान और उसके सहयोगी मुस्तकीम को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी नेताजी सुभाष प्लेस स्थित अग्रवाल साइबर प्लाजा-1 में डायनेमिक ओवरसीज के नाम से ऑफिस चला रहे थे और लोगों को इजरायल और इराक में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे.
45-46 लोगों ने की थी शिकायत
पुलिस के मुताबिक, इस रैकेट में करीब 45 से 46 शिकायतकर्ताओं से कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई. आरोपियों ने इजरायल का वीजा और नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 1 लाख 70 हजार रुपये, जबकि इराक भेजने के नाम पर 70 हजार रुपये तक लिए. पैसे लेने के बाद आरोपियों पर वीजा और विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देने का आरोप है.
जांच में सामने आया वीजा धोखाधड़ी का मामला
यह पूरा मामला थाना दिवस–जन सुनवाई के दौरान सामने आया. पुलिस के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 को थाना सुभाष प्लेस में आयोजित जन सुनवाई के दौरान विजय सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त के सामने कथित वीजा धोखाधड़ी को लेकर शिकायत पहुंची थी. शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और शिकायत में बताए गए आरोपों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई.
जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर आरोपियों के ऑफिस, उनके मोबाइल फोन, बैंकिंग लेन-देन और दूसरे दस्तावेजों की जांच की. तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अबीर पोइलान और मुस्तकीम तक पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
सुभाष प्लेस में था ऑफिस
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नेताजी सुभाष प्लेस के अग्रवाल साइबर प्लाजा-1 में डायनेमिक ओवरसीज के नाम से ऑफिस चला रहे थे. इसी ऑफिस के जरिए विदेश में नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से संपर्क किया जाता था.
आरोपियों पर आरोप है कि वे इजरायल और इराक में नौकरी का लालच देकर लोगों से बड़ी रकम लेते थे. पुलिस को जांच के दौरान भुगतान की रसीदें और दूसरे वित्तीय दस्तावेज भी मिले हैं. इन दस्तावेजों की जांच कर पुलिस कथित तौर पर ठगी गई रकम की पूरी लेन-देन की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है.
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में सामान बरामद किया है. कुल मिलाकर 31 ग्राम वजन के सोने के सिक्के, 22 पासपोर्ट, 11 मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड, 3 कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर और डायनेमिक ओवरसीज की मोहरें बरामद की गई हैं.
सोने के सिक्के, कई पासपोर्ट, फोन जब्त
पुलिस के मुताबिक, अबीर पोइलान के कब्जे से 31 ग्राम वजन के कई सोने के सिक्के, 19 भारतीय पासपोर्ट, 5 मोबाइल फोन, 3 कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर और डायनेमिक ओवरसीज की मोहरें मिली हैं. पुलिस का कहना है कि इन सोने के सिक्कों को कथित तौर पर ठगी की रकम से खरीदा गया था.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर कुछ सोने की चीजें गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया था. पुलिस संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और NBFC के दस्तावेजों की जांच कर रही है.
दूसरे आरोपी के पास 10 एटीएम कार्ड और नेपाली नागरिकों के पासपोर्ट
पुलिस के मुताबिक, दूसरे आरोपी मुस्तकीम के पास से 6 मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड और 3 पासपोर्ट बरामद किए गए. इन तीन पासपोर्ट में दो नेपाली नागरिकों के पासपोर्ट शामिल हैं. पुलिस अब इन पासपोर्ट, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है. जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि इस रैकेट में आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे और विदेश भेजने के नाम पर ली गई रकम आखिर कहां-कहां ट्रांसफर की गई.
सोने की चेन और अंगूठियां गिरवी रखने की भी जानकारी
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मुस्तकीम द्वारा दो सोने की चेन गिरवी रखी गई थीं. वहीं, अबीर पोइलान द्वारा दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन और एक जोड़ी कान की बालियां गिरवी रखे जाने की जानकारी सामने आई है. पुलिस इन संपत्तियों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि कथित ठगी की रकम से खरीदी या हासिल की गई संपत्ति का पता लगाया जा सके.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी अबीर पोइलान के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज है. उसके खिलाफ थाना गोविंदपुरी में FIR दर्ज हुआ था. दूसरे आरोपी मुस्तकीम की कोई पूर्व आपराधिक संलिप्तता पुलिस रिकॉर्ड में नहीं मिली है.
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