ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की गड्ढे में डूबकर मौत के मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है. गुरुग्राम से लौट रहे युवराज की कार घने कोहरे की वजह से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 के पास एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गई थी. करीब दो घंटे तक पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य बचाव दल की टीमें मौके पर मौजूद थीं, लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. जिस जगह ये हादसा हुआ, वहीं कुछ वक्त पहले एक ट्रक ड्राइवर गुरविंदर सिंह भी सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ था. उसने एनडीटीवी को पूरा वाकया बताते हुए कहा कि युवराज की मौत हो गई, न जाने वहां कितने और लोग मारे जाएंगे.
न बैरिकेड और न साइनबोर्ड
गुरविंदर सिंह ने कहा, रोड से 10 कदम पर नाला है, तो वहां साइनबोर्ड नहीं है, बैरिकेड नहीं है. हमने सोचा कि वहां रोड ही है.तो हमारी गाड़ी वहां हिट हो गई. गाड़ी के आगे वाले पहिये नाले से आगे चले गए. सेंटर वाले पहिये नाले में फंस गए. हमें लगा कि वहां तो पहले ही कदम पर वहां गले तक पानी आ गया. रात 12 बजे ये घटना घटी, लेकिन चार घंटे वहां मैं फंसा रहा. पुलिसकर्मी के 2-3 बंदे आए थे, लेकिन कोई मदद नहीं की गई. नोएडा अथॉरिटी की टीम तब अगले दिन दोपहर को आई और उलटे मुझसे ही पूछने लगी कि जो हमारा नाला टूटा है, उसके पैसे कौन देगा.
नोएडा में इंजीनियर की मौत का मामला: 'वहां कोई साइन बोर्ड नहीं है'- गुरविंदर सिंह, ट्रक ड्राइवर
— NDTV India (@ndtvindia) January 20, 2026
देखें LIVE- https://t.co/VeTAtQYmAA #Noida | #YuvrajMehta | @RajputAditi | @AaquilJameel pic.twitter.com/Ux1w8HyyPp
गुरविंदर सिंह ने जो कहानी बताई है, वो उन आरोपों को मजबूत करती है कि इस केस में पुलिस और प्रशासन की ओर से लापरवाही और उदासीनता बरती गई. एनडीटीवी ने ट्रक ड्राइवर गुरविंदर सिंह से बात की, जो चमत्कारिक ढंग से उस हादसे में बच गए थे. गुरविंदर सिंह ने कहा, सड़क से नाला और खाई मुश्किल से 10 कदम की दूरी पर हैं. वहां कोई साइनबोर्ड या बैरिकेड नहीं है, ट्रक नाले की दीवार से टकराया और आगे निकल गया. आगे के टायर हवा में थे और बीच वाले दीवार में फंस गए. मैं ट्रक से कूद गया और गर्दन तक पानी में जा गिरा. रात करीब 12:30 बजे खाई में गिरा, लेकिन सुबह करीब 4 बजे कुछ स्थानीय लोगों ने मेरी मदद की. मेरे गिरने के लगभग दो घंटे बाद दो पुलिसकर्मी आए. लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया. अगर जिला प्रशासन चाहता तो तुरंत एक खुदाई मशीन मंगवाई जा सकती थी.
प्रशासन चाहता तो मदद हो जाती
इस आदमी की मौत हो गई. कौन जाने कितने और लोग मरते? अगर प्रशासन चाहता तो मिनटों में एक एक्सकेवेटर आ जाता. गुरविंदर ने बताया कि वह पिछले 20 सालों से ड्राइवर हैं. हमें पता चल जाता है कि पहिए सड़क से बाहर निकल गए हैं, जैसे ही मुझे समझ आया कि क्या हुआ है, मैंने हैंडब्रेक खींच दिया. फिर भी ट्रक दीवार से टकरा गया.यह मेरी दूसरी ज़िंदगी है। गुरुजी ने मुझे बचा लिया.
ये भी पढ़ें- यूपी सरकार की इस चिट्ठी पर ध्यान देती नोएडा अथॉरिटी तो इंजीनियर युवराज की जान बच जाती
मदद के उल्टे मांग लिया खर्चा
जब गुरविंदर से पूछा गया कि क्या नोएडा प्रशासन की कोई टीम उनकी मदद के लिए आई थी, तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया. उन्होंने कहा, नोएडा प्राधिकरण की एक टीम दोपहर के आसपास आई और पूछा कि क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत का खर्च कौन उठाएगा. मैंने उन्हें बताया कि मैं बाल-बाल बचा हूं.
18 दिन बाद युवराज मेहता की जान गई
गुरविंदर ने बताया कि इस दर्दनाक घटना के बाद से उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं और वे हकलाने लगे हैं. गुरविंदर के बाल-बाल बचने के 18 दिन बाद, सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता शुक्रवार की आधी रात के आसपास गुरुग्राम स्थित अपने कार्यालय से सेक्टर 150 स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी. लगभग 90 मिनट बाद पुलिस और दमकलकर्मियों के बचाव प्रयासों के बावजूद, युवराज खाई में डूब गए. उनका शव अगली सुबह बरामद हुआ. कार अभी तक बरामद नहीं हुई है.
ये भी पढ़ें- 'डरा हुआ हूं, पुलिस बना रही बयान बदलने का दबाव...', नोएडा इंजीनियर मौत मामले में चश्मदीद का बयान
गवाह ने लगाया धमकाने का आरोप
नोएडा में पुलिस प्रशासन के मूकदर्शक रहने के बीच युवराज को बचाने के लिए जान जोखिम में डालने वाले डिलिवरी ब्वॉय मोनिंदर सिंह ने भी अपनी आपबीती सुनाई है. एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में मोनिंदर ने कहा कि उसका बयान दर्ज हो चुका है. उसने घटनास्थल पर मौजूद 3 पुलिसकर्मियों की पहचान भी की है. लेकिन उसे धमकी मिल रही हैं और वो डरा हुआ है. मोनिंदर ने कहा कि उसको बोला गया है कि पुलिस के पक्ष में रहो और तुम्हारी मीटिंग ACP से कराई जाएगी. उनका आरोप है कि पुलिस लगातार उन पर बयान बदलने का दबाव बना रही है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं