- ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा भारत की राजकीय यात्रा पर आएंगे, जो रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी.
- भारत और ब्राजील के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा उत्पादन, ऊर्जा, कृषि और विज्ञान-प्रौद्योगिकी पर समीक्षा होगी.
- दोनों देश डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और नवाचार आधारित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं.
ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनैसियो लूला द सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे. यह दौरा भारत‑ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक तालमेल, टेक्नोलॉजी सहयोग और ग्लोबल साउथ की एकजुट आवाज के संदर्भ में यह यात्रा बेहद अहम है.
भारत‑ब्राजील रणनीतिक साझेदारी में नई गति
लूला की यह छठी आधिकारिक भारत यात्रा है. दोनों देश 2006 से रणनीतिक साझेदार हैं और लोकतांत्रिक मूल्य, जलवायु कार्रवाई, बहुपक्षीय सुधार और दक्षिण‑दक्षिण सहयोग पर साझा दृष्टिकोण रखते हैं. हाल के वर्षों में सहयोग का दायरा बढ़कर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, AI, स्पेस और नवाचार‑आधारित क्षेत्रों तक पहुंच गया है.

व्यापार, डिफेंस और टेक में बड़े फैसलों की उम्मीद
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच 21 फरवरी को शिखर वार्ता होगी, जहां व्यापार, निवेश, रक्षा उत्पादन, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और विज्ञान‑प्रौद्योगिकी पर व्यापक समीक्षा की जाएगी. ब्राजील भारत का लेटिन अमेरिका क्षेत्र में सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. दोनों देश अब नवीकरणीय ऊर्जा, रेयर अर्थ मिनरल्स, दवा उद्योग और रक्षा निर्माण में नए अवसर तलाश रहे हैं. ब्राजील विश्व के उन चुनिंदा देशों में है जहां रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिटिकल मिनरल्स के बड़े भंडार मौजूद हैं. यह भारत के लिए अत्यंत रणनीतिक महत्व रखता है.
AI Impact Summit में होंगे शामिल
लूला 19–20 फरवरी को आयोजित AI Impact Summit के दूसरे संस्करण में शामिल होंगे. इससे दोनों देशों के बीच उभरती तकनीकों, AI आधारित पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल ग्रोथ पर सहयोग मजबूत होगा. भारत और ब्राजील दोनों ही इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं.
उच्च स्तरीय राजनीतिक और कूटनीतिक जुड़ाव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके सम्मान में राज्य भोज देंगी. उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी उनसे मुलाकात करेंगे. यह दर्शाता है कि भारत इस यात्रा को रणनीतिक दृष्टि से कितना महत्वपूर्ण मानता है.
बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल आएगा भारत
लूला के साथ 14 मंत्री और शीर्ष ब्राजीलियाई उद्योगपतियों का बड़ा दल आएगा. दोनों देशों के CEOs एक महत्वपूर्ण बिजनेस फोरम में भाग लेंगे. जो व्यापार, निवेश और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने का रास्ता खोलेगा.
ग्लोबल साउथ और BRICS में साझा एजेंडा
भारत और ब्राजील BRICS, G20 और ग्लोबल साउथ में मिलकर पश्चिमी देशों के प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग, ग्लोबल गवर्नेंस को लोकतांत्रिक बनाने और जलवायु न्याय के मुद्दों पर लंबे समय से सहयोग करते आए हैं.
बदलती भू‑राजनीति में भारत‑ब्राजील साझेदारी का महत्व
दुनिया के बदलते भू‑राजनीतिक माहौल, ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन के पुनर्गठन और उभरती टेक्नोलॉजी में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह दौरा बेहद समयोचित है. लूला की यह यात्रा दोनों देशों को अपने संबंधों के लिए भविष्य उन्मुख एजेंडा तय करने का अवसर देगी, विशेषकर तब जब भारत और ब्राजील खुद को ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज के रूप में स्थापित कर रहे हैं.
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