विज्ञापन

बीजेपी का मिशन असम, पीएम का नाम, हिमंता का काम, हैट्रिक का लक्ष्य

सूत्रों के अनुसार यह तय हो गया है कि विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में ही लड़ा जाएगा. नेतृत्व को लेकर कहीं कोई भ्रम न रहे, इसलिए यह घोषणा भी हो सकती है कि बीजेपी की सरकार फिर बनने पर हिमंता ही फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे.

बीजेपी का मिशन असम, पीएम का नाम, हिमंता का काम, हैट्रिक का लक्ष्य
  • बीजेपी असम में तीसरी बार सत्ता में आने के लिए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सघन चुनावी प्रचार के तहत कई रैलियों को संबोधित करेंगे
  • पार्टी ने विधानसभा सीटों का सर्वेक्षण कर 25 से 30 नए उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

बीजेपी पूर्वोत्तर के महत्वपूर्ण राज्य असम में अपनी सरकार को बचाने में पूरी तरह से जुट गई है. बीजेपी की पूरी कोशिश है कि राज्य में वह तीसरी बार सत्ता में आकर हेट्रिक बनाए. इसके लिए बीजेपी ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है. विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का सघन चुनावी प्रचार शुरू किया जाएगा. संभावना है कि पीएम मोदी 6-8 और गृह मंत्री अमित शाह 12-15 चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे.

हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में ही होगा चुनाव

आला सूत्रों के अनुसार यह तय हो गया है कि विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में ही लड़ा जाएगा. नेतृत्व को लेकर कहीं कोई भ्रम न रहे, इसलिए यह घोषणा भी हो सकती है कि बीजेपी की सरकार फिर बनने पर हिमंता ही फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे. पार्टी का फीडबैक है कि जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ और सरकार की योजनाओं के आधार पर मिले समर्थन के आधार हिमंता की लोकप्रियता चरम पर है और इससे बीजेपी को लाभ मिल सकता है.

Latest and Breaking News on NDTV

नए चेहरों को भी चुनाव में उतारने की है तैयारी

इसी के साथ बीजेपी ने यह भी तय किया है कि कुछ विधानसभा सीटों में सत्ता विरोधी माहौल का मुकाबला करने के लिए कुछ मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाएं. बीजेपी के अभी 67 विधायक हैं. पार्टी 95-100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और अन्य सीटें सहयोगी दलों को दी जाएंगी. पार्टी ने सभी विधानसभा सीटों का सर्वेक्षण कर लिया है. वहां से मिले फीडबैक के आधार पर टिकटों का बंटवारा किया जाएगा. संभावना है कि बीजेपी 25-30 नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारे. ऐसे में कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

100 मुद्दों को चिन्हित कर मैदान में उतर रही है बीजेपी

बीजेपी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए मुद्दे भी तय कर लिए हैं. कुछ ऐसे मुद्दों की पहचान की गई है जिनका पूरे प्रदेश में असर है. इनमें अवैध घुसपैठ, हिमांता सरकार की विकास योजनाएं, मोदी सरकार द्वारा प्रदेश में की गई विकास योजनाएं, कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व खासकर गौरव गोगोई के पाकिस्तान लिंक, हिंदुत्व, महिलाओं का सशक्तिकरण आदि शामिल हैं.
वहीं दूसरी तरफ माइक्रो मुद्दों पर भी जोर शोर से काम हो रहा है. मसलन हिमांता सरकार ने गांव, ब्लॉक और जिले स्तर के लगभग 100 मुद्दों को चिन्हित कर उनका हल निकालने का प्रयास किया है. संकल्प पत्र के लिए लोगों से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे ताकि वे स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकें और सरकार बनने पर उन पर ध्यान दिया जा सके.

Latest and Breaking News on NDTV

इस बार बीजेपी ने सहयोगी दलों के साथ सौ से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. कांग्रेस के भीतर गौरव गोगोई को लेकर उठी आवाज़ें भी बीजेपी का हौसला बुलंद कर रही हैं. पार्टी को लगता है कि आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस उसका मुकाबला करने में कमजोर पड़ रही है. सूत्रों के अनुसार असम में मार्च के दूसरे सप्ताह में चुनाव की घोषणा हो जाने की पूरी संभावना है. जबकि अप्रैल के पहले सप्ताह में सिर्फ एक चरण में विधानसभा चुनाव सम्पन्न हो सकता है.

ये भी पढ़ें-: तेलंगाना निकाय चुनाव: कांग्रेस-बीजेपी के 'अघोषित गठबंधन' से बीआरएस को सत्ता से रखा दूर, हरीश राव का बड़ा आरोप

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com