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' जरूरी चीजों की आपूर्ति सुनिश्चित हो', मिडिल ईस्ट के हालात पर CCS की बैठक में बोले पीएम मोदी

मिडिल ईस्ट संकट के बीच पीएम मोदी ने सीसीएस की बैठक की. पीएम मोदी ने निर्देश दिया कि इस स्थिति से प्रभावित लोगों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं.

' जरूरी चीजों की आपूर्ति सुनिश्चित हो', मिडिल ईस्ट के हालात पर CCS की बैठक में बोले पीएम मोदी
  • PM मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच विभिन्न मंत्रालयों के कदमों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर विशेष बैठक की
  • पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी और एलएनजी अलग-अलग देशों से मंगाने के निर्देश दिए गए
  • गर्मियों में बिजली की कमी न हो इसके लिए गैस आधारित बिजली संयंत्रों को छूट दी गई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 7 लोक कल्याण मार्ग पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की एक विशेष बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. यह इस मुद्दे पर दूसरी विशेष बैठक थी. प्रधानमंत्री ने आम लोगों की जरूरतों की उपलब्धता की समीक्षा की और कहा कि इस वैश्विक संकट का असर नागरिकों पर न पड़े, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों तक सही जानकारी पहुंचे, ताकि अफवाहों को रोका जा सके.

LPG की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदम

कैबिनेट सचिव ने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं. एलपीजी और एलएनजी अब अलग-अलग देशों से मंगाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी के दाम अभी स्थिर हैं और कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए नियमित कार्रवाई की जा रही है.

PNG कनेक्शन बढ़ाने पर काम

पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. गर्मियों में बिजली की कमी न हो, इसके लिए गैस आधारित बिजली संयंत्रों को कुछ छूट दी गई है और थर्मल पावर स्टेशनों तक ज्यादा कोयला पहुंचाने के लिए कदम उठाए गए हैं.

'कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से रखें नजर'

कृषि, नागरिक उड्डयन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे अन्य क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों से निपटने के उपायों पर भी चर्चा हुई. खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यूरिया उत्पादन जारी रखा जा रहा है और डीएपी/एनपीके खाद के लिए विदेशों से समन्वय किया जा रहा है. राज्यों से कहा गया है कि वे खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से नजर रखें. प्रधानमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे इस स्थिति से प्रभावित लोगों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं.

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