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बोटेनिकल गार्डन से जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा आलीशान! इन सुविधाओं से लैस हैं नई इलेक्ट्रिक-हाइड्रोजन बसें

Noida-Greater Noida Electric Bus : अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर दिखेंगी हाईटेक इलेक्ट्रिक बसें, जिनके साथ ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली बसों की भी शुरुआत हो गई है. ऐसा कदम जो न सिर्फ परिवहन को आधुनिक बनाएगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी नई उम्मीद लेकर आया है.

बोटेनिकल गार्डन से जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा आलीशान! इन सुविधाओं से लैस हैं नई इलेक्ट्रिक-हाइड्रोजन बसें
नई इलेक्ट्रिक-हाइड्रोजन बसें

Noida-Greater Noida Electric Bus : एनसीआर क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. शुक्रवार को उन्होंने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में हाईटेक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस पहल के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में तीन अत्याधुनिक ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन आधारित बसों की भी शुरुआत की गई, जिसे पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

नई व्यवस्था के तहत नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 11-11-11 कुल 33 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा. इन बसों का संचालन बोटेनिकल गार्डन से किया जाएगा, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सेक्टर-62, कौशांबी बस डिपो और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सहित प्रमुख स्थानों को आपस में जोड़ेंगी. इससे लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी.

Electric Bus : बस आधुनिक सेवाओं से होंगे लैस

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन ई-बसों में विशेष इंतजाम किए गए हैं. प्रत्येक बस में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग ड्राइवर सीट से की जा सकेगी. बसों के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर भी कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा बसों में पैनिक बटन, एसओएस अलर्ट सिस्टम और इमरजेंसी गेट जैसी सुविधाएं दी गई हैं. किसी भी आपात स्थिति में यात्री एसओएस बटन दबाकर चालक को तत्काल सूचना दे सकेंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा दोनों मजबूत होंगे.

हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों को भी रवाना किया गया

कार्यक्रम के दौरान यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी परियोजना के अंतर्गत तीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों को भी रवाना किया गया. इन बसों का निर्माण एनटीपीसी दादरी द्वारा किया गया है और इन्हें यमुना प्राधिकरण के सहयोग से संचालित किया जाएगा. यह परियोजना देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.

Hydrogen Bus : हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों से वायु प्रदूषण नहीं होता

विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल पानी निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण नहीं होता. परियोजना के तहत प्रतिदिन लगभग 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जो करीब 1750 पेड़ लगाने के बराबर माना जा रहा है. साथ ही प्रति वर्ष लगभग 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है.

 42 यात्रियों की क्षमता और 12 मीटर लंबाई

यह परियोजना देश का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन भी है. 42 यात्रियों की क्षमता और 12 मीटर लंबाई वाली प्रत्येक हाइड्रोजन बस में एक बार में 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जा सकेगी, जिससे बस लगभग 750 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी. यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि भविष्य के हरित और टिकाऊ परिवहन मॉडल की मजबूत नींव भी रखेगी.

IANS के इनपुट के साथ

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