प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के मंत्री और विधायक संजीव अरोड़ा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की जा रही है. छापेमारी गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में चल रही है.
ED सूत्रों के मुताबिक, जिन ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन हो रहा है, उनमें संजीव अरोड़ा, उनके करीबी कारोबारी हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के घर और दफ्तर शामिल हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, संजीव अरोड़ा की कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (पूर्व में रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड) रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सक्रिय है. फिलहाल इसके मैनेजिंग डायरेक्टर उनके बेटे काव्य अरोड़ा हैं, जिनके ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है.
Good Morning! An action by the Enforcement Directorate took place at my premises. As a responsible citizen, I will fully cooperate with the agencies and I am confident that the truth will prevail.
— Sanjeev Arora (@SanjeevArora_PB) April 17, 2026
कंपनी पर हेराफेरी के कई आरोप
ED का आरोप है कि कंपनी के जरिए भूमि उपयोग में अवैध बदलाव, फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए सौदों, शेयर कीमतों में हेराफेरी, इनसाइडर ट्रेडिंग और विदेश से काले धन की राउंड ट्रिपिंग जैसी गंभीर अनियमितताएं की गईं.
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हेमंत सूद का नाम आया सामने
जांच में लुधियाना के कारोबारी हेमंत सूद, जो फाइंडॉक फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक फाइनेंशियल और स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी चलाते हैं, को इस कथित नेटवर्क की एक अहम कड़ी बताया गया है. ED का आरोप है कि उन्होंने यूएई से अवैध धन को भारत लाने और शेयर बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग के जरिए मुनाफा कमाने में मदद की.
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सट्टेबाजी ऑपरेटर्स के काले धन की करते थे हेराफेरी
इसके अलावा, हेमंत सूद पर हवाला और सट्टेबाजी ऑपरेटर्स के काले धन को FPI रूट के जरिए भारत में वापस लाने में सहायता करने का भी संदेह जताया गया है. जालंधर के कारोबारी चंद्रशेखर अग्रवाल का नाम भी जांच के दायरे में आया है. ED के अनुसार, उन्होंने क्रिकेट सट्टेबाजी से शुरुआत कर बाद में हवाला और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क खड़ा किया. आरोप है कि ‘खिलाड़ी बुक' नाम के प्लेटफॉर्म के जरिए हजारों लोगों को ठगा गया.
संजीव अरोड़ा पर क्या आरोप?
जांच एजेंसी का दावा है कि इस अवैध कमाई को पहले यूएई में जमा किया गया और फिर फाइंडॉक के माध्यम से भारत लाकर संजीव अरोड़ा के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया गया. ED को आशंका है कि संजीव अरोड़ा पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर अवैध सट्टेबाजी और हवाला कारोबार को संरक्षण देने और इसके बदले मुनाफे में हिस्सेदारी लेने के आरोप हैं. साथ ही, कंपनियों और एंट्री ऑपरेटर्स के जरिए काले धन को वैध निवेश में बदलने की कोशिश की गई.
सूत्रों के मुताबिक, जांच में फर्जी एक्सपोर्ट बिल, गैर-मौजूद GST कंपनियों से नकली खरीद और विदेश से धन घुमाकर लाने जैसे तरीकों के इस्तेमाल के संकेत भी मिले हैं. फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है.
AAP ने पीएम से पूछा सवाल
आम आदमी पार्टी के नेता के यहाँ तीन दिन में ये दूसरी ED की रेड है।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 17, 2026
क्या प्रधान मंत्री जी बतायेंगे कि अभी तक “आप” नेताओं के यहाँ जो इतनी सारी अनगिनत रेड की हैं, उनमे कितना काला पैसा मिला? एक रुपया भी मिला?
पूरा देश देख रहा है कि आप केवल सत्ता के लिए कितनी ओछी राजनीति कर रहे हैं। https://t.co/qUcfn9Bq53
ED के इस एक्शन पर आम आदमी पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है. पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने X पर लिखा आम आदमी पार्टी के नेता के यहाँ तीन दिन में ये दूसरी ED की रेड है. क्या प्रधानमंत्री जी बतायेंगे कि अभी तक “आप” नेताओं के यहाँ जो इतनी सारी अनगिनत रेड की हैं, उनमे कितना काला पैसा मिला? एक रुपया भी मिला? पूरा देश देख रहा है कि आप केवल सत्ता के लिए कितनी ओछी राजनीति कर रहे हैं.
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