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FIITJEE फीस घोटाला: 14 हजार से ज्यादा छात्रों को बिना कोचिंग दिए सेंटर बंद, ED ने दाखिल की शिकायत

जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी पर नियंत्रण रखने वाले दीनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल ने वित्त वर्ष 2022-23 से आगे की अवधि में कुल 24.92 करोड़ रुपये वेतन के रूप में लिए.

FIITJEE फीस घोटाला: 14 हजार से ज्यादा छात्रों को बिना कोचिंग दिए सेंटर बंद, ED ने दाखिल की शिकायत
फाइल फोटो
NDTV

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल ऑफिस ने 15 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत में FIITJEE लिमिटेड और उसके निदेशकों दीनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है. यह मामला छात्रों से कोचिंग के नाम पर वसूली गई फीस के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. ED ने आरोपियों को दोषी ठहराने और जांच के दौरान जब्त व अस्थायी रूप से अटैच की गई 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है.

चार FIR के आधार पर शुरू हुई जांच

ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दर्ज तीन FIR तथा मध्य प्रदेश पुलिस की भोपाल में दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू की थी. इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(2), 318(4), 61(2) और 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं. ये धाराएं भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की धारा 406, 420, 120B और 34 से संबंधित हैं.

FIR में आरोप लगाया गया है कि FIITJEE ने JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की दो से चार साल की कोचिंग के लिए प्रत्येक छात्र से 2.8 लाख रुपये से 3.5 लाख रुपये तक की फीस एडवांस में ली थी. छात्रों को भरोसा दिया गया था कि उन्हें पूरे कार्यक्रम के अनुसार कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी.

हालांकि, शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने के कारण उन्होंने संस्थान छोड़ दिया और इसके बाद कई सेंटर बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बंद कर दिए गए. आरोप है कि प्रबंधन ने छात्रों से वसूली गई फीस का कथित तौर पर दूसरे कामों में इस्तेमाल किया और शिक्षकों के संस्थान छोड़ने के बाद भी नए छात्रों को झूठे आश्वासन देकर दाखिला देना जारी रखा.

नोएडा पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें दीनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल को आरोपी बनाया गया है. चार्जशीट करीब 300 पीड़ितों के बयान, FIITJEE कोचिंग सेंटर संचालकों और अन्य गवाहों के बयानों, फीस की रसीदों तथा जांच के दौरान जुटाए गए दूसरे साक्ष्यों पर आधारित है.

32 सेंटर बंद होने से 14,411 छात्र प्रभावित

ED की जांच में सामने आया कि FIITJEE ने मई 2024 से फरवरी 2025 के बीच अचानक 32 सेंटर बंद कर दिए. इससे संस्थान में दाखिला ले चुके 14,411 छात्र प्रभावित हुए और उन्हें उस कोचिंग का लाभ नहीं मिल सका, जिसके लिए वे फीस जमा कर चुके थे.

जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने मार्च 2029 तक चलने वाले कोचिंग कार्यक्रमों के लिए भी छात्रों को दाखिला देना जारी रखा, जबकि उसे पता था कि वह इन कार्यक्रमों को पूरा नहीं करा पाएगी.

ED का आरोप है कि छात्रों से वसूली गई फीस खर्च की जाती रही, जबकि कंपनी लगातार घाटे में चल रही थी. जांच में फीस के जिस हिस्से को अपने पास रखकर कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है, उसकी कुल राशि 85.79 करोड़ रुपये आंकी गई है. ED ने इसे इस मामले में अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) माना है.

निदेशकों ने खुद को दिया 24.92 करोड़ रुपये वेतन

जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी पर नियंत्रण रखने वाले दीनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल ने वित्त वर्ष 2022-23 से आगे की अवधि में कुल 24.92 करोड़ रुपये वेतन के रूप में लिए.

ED के अनुसार, गोयल परिवार के पास कंपनी की 86.31 प्रतिशत हिस्सेदारी है. ऐसे में निदेशकों ने किसी स्वतंत्र निगरानी के बिना अपने वेतन को मंजूरी दी. आरोप है कि दूसरे कर्मचारियों के वेतन में देरी होने या वेतन नहीं मिलने के बावजूद निदेशकों ने पहले खुद को भुगतान किया.

जांच एजेंसी के मुताबिक, दीनेश कुमार गोयल को हर महीने करीब 56 लाख रुपये वेतन मिलता था. वहीं, मोनिला गोयल को हर महीने 25 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया जाता था.

ED ने बताया कि मोनिला गोयल ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह नियमित रूप से कार्यालय नहीं जाती थीं और घर से ही चेक पर हस्ताक्षर करती थीं. इसके बावजूद सेंटर बंद होने के दौरान भी उन्हें भुगतान जारी रहा.

ED पहले भी कर चुकी है छापेमारी

ED ने इस मामले में 24 अप्रैल 2025 को सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था. इस दौरान 10 लाख रुपये नकद और 4.86 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण जब्त किए गए थे.

इसके अलावा, ED ने 9 अक्टूबर 2026 को PMLA के प्रावधानों के तहत 66.92 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था.

अब एजेंसी ने विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल कर आरोपियों को दोषी ठहराने और जब्त व अटैच संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है. मामले में आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत द्वारा किया जाएगा.

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