- चाइनीज एप BAT-BMS से सड़क पर चलते ई-रिक्शा को कंट्रोल किए जाने से लोग परेशान है.
- एप को बैटरी से कनेक्ट करने के बाद एक टैप से ई-रिक्शा बंद हो जाता है. वाहन की डिस्प्ले बंद हो गई.
- वायरल वीडियो में दिखा कि लोग ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा बैटरियों को कनेक्ट कर लोग उसे दूर से बंद कर रहे हैं.
E-Rickshaw Stop App: एक चाइनीज एप BAT-BMS से सड़क पर चलते ई-रिक्शा को कंट्रोल किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर लगातार वायरल है. ब्लूटूथ कनेक्शन के जरिए सड़क पर चलते ई-रिक्शा को इस ऐप से कंट्रोल कर लिया जाता है. ई-रिक्शा सवारी से भरा हो या खाली अचानक सड़क पर चलते-चलते रुक जाता है. ई-रिक्शा चालक इस नई परेशानी के बारे में कुछ समझ नहीं पाता. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के कारण दिल्ली सहित कई जगहों से ई-रिक्शा को ऐसे कंट्रोल किए जाने के मामले सामने आए. इससे ई-रिक्शा चालकों की परेशानी काफी बढ़ गई है. वायरल होने की सनक में कोई भी मनचला ऐसी सनक कर जाता है, जिससे ई-रिक्शा चालक बुरी तरह परेशान हो जाते हैं. हालांकि मामला सामने आने के बाद दिल्ली के परिवहन मंत्री ने इसपर संज्ञान लिया है. लेकिन एनडीटीवी के रियलिटी चेक में सामने आया कि यह परेशानी केवल एक ऐप तक सीमित नहीं है.
दरअसल BAT-BMS ऐप को लेकर उठे विवाद के बाद NDTV ने इस मामले की जांच की. जिसमें यह आया है कि यह चिंता केवल एक ऐप तक सीमित नहीं हो सकती. NDTV ने एक अन्य बैटरी मैनेजमेंट ऐप Epoch Li-ion का परीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि कम्पैटिबल ई-रिक्शा को स्मार्टफोन के जरिए बंद किया जा सकता है.
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परीक्षण के दौरान ऐप को बैटरी से कनेक्ट करने के बाद एक टैप से ई-रिक्शा बंद हो गया. वाहन की डिस्प्ले बंद हो गई और चालक तब तक ई-रिक्शा चालू नहीं कर पाया, जब तक उसी ऐप से उसे दोबारा ऑन नहीं किया गया.
देखें- कैसे ई-रिक्शा को कंट्रोल कर रहा यह एप
Chinese app BAT-BMS sparks panic by remotely shutting off e-rickshaws & scooters via Bluetooth on their batteries.💀 pic.twitter.com/oeyG2haBqN
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) July 1, 2026
BAT-BMS विवाद कैसे शुरू हुआ?
इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स पर वायरल वीडियो में देखा गया था कि लोग ब्लूटूथ के जरिए कम्पैटिबल ई-रिक्शा बैटरियों से जुड़कर उन्हें दूर से बंद कर रहे हैं. इन वीडियो के बाद चालकों, डीलरों और ईवी उपयोगकर्ताओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई.
दिल्ली सरकार ने मांगी रिपोर्ट
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने NDTV से कहा कि उन्हें इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन लोगों ने उनके कार्यालय में यह मुद्दा उठाया है. उन्होंने परिवहन विभाग को BAT-BMS ऐप की सत्यता और उससे जुड़े दावों की जांच करने के निर्देश दिए हैं.
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि यह ऐप सीमित दूरी में ब्लूटूथ-सक्षम लिथियम बैटरियों से वायरलेस तरीके से जुड़ सकता है. अधिकारी ने कहा कि ऐप का मुख्य उद्देश्य बैटरी की वोल्टेज, तापमान और करंट जैसी जानकारी मॉनिटर करना है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने पर इसके कंट्रोल फीचर का दुरुपयोग हो सकता है.

NDTV का परीक्षण: एक ऐप सुरक्षित, दूसरा अभी भी सक्रिय
NDTV ने पहले BAT-BMS ऐप का परीक्षण किया. ऐप बैटरी से आसानी से कनेक्ट हो गया, लेकिन वाहन बंद करने की कोशिश करने पर पासवर्ड मांगा गया. बिना पासवर्ड के ई-रिक्शा को बंद नहीं किया जा सका, जिससे संकेत मिला कि ऐप में अतिरिक्त सुरक्षा जोड़ी गई है.
इसके बाद NDTV ने Epoch Li-ion ऐप का परीक्षण किया. यह भी उसी बैटरी से कनेक्ट हो गया और सिर्फ एक टैप में ई-रिक्शा बंद हो गया. वाहन की डिस्प्ले बंद हो गई और चालक उसे दोबारा स्टार्ट नहीं कर पाया. ऐप से दोबारा ऑन करने के बाद ही वाहन चालू हुआ.
हालांकि यह परीक्षण केवल एक कम्पैटिबल बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम पर किया गया था, लेकिन इससे संकेत मिलता है कि समस्या केवल एक ऐप तक सीमित नहीं है.

डीलर बोले- कंपनियों को इस पर गंभीरता से काम करना होगा
ई-रिक्शा डीलर इंसाफ खान ने बताया कि पिछले चार दिनों में उनकी वर्कशॉप पर 40 से 50 ई-रिक्शा इसी तरह की शिकायतों के साथ आ चुके हैं.
उन्होंने कहा, "पहले हम एक कंपनी के ऐप में पासवर्ड डालकर समस्या का समाधान कर लेते थे, लेकिन अब नए ऐप से जुड़े मामले भी सामने आ रहे हैं. जैसे ही एक ऐप सुरक्षित होता है, दूसरा सामने आ जाता है. बैटरी कंपनियों को इस मुद्दे पर गंभीरता से काम करना होगा."
VIDEO | Delhi: After videos surfaced on social media showing e-rickshaws being shut down allegedly using a Chinese mobile application, Delhi transport minister Pankaj Singh has said that the government is looking into the matter.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 3, 2026
Naseem, an e-rickshaw driver, says, "I operate my… pic.twitter.com/TkXoEWCQIP
ई-रिक्शा चालक परेशान, आजीविका हो रही प्रभावित
ई-रिक्शा चालक रौशन लाल ने कहा कि वाहन के अचानक बंद होने से उनकी रोज़ी-रोटी प्रभावित होती है. उन्होंने कहा, "हमें ई-रिक्शा को धक्का देकर यहां तक लाना पड़ा. हम गरीब लोग हैं और यही हमारी आजीविका का साधन है. अगर वाहन इस तरह बंद हो जाए तो हम कमाई कैसे करेंगे?" उन्होंने राहत जताई कि वाहन बंद होने के समय उसमें कोई सवारी नहीं थी. उनके मुताबिक, सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसी भी समय उनका काम ठप हो सकता है.
साइबर विशेषज्ञों की चेतावनी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एवं अधिवक्ता साक्षर दुग्गल ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के तेजी से विस्तार को देखते हुए मजबूत सुरक्षा मानकों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, "ईवी सेक्टर के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश होना बेहद जरूरी है. यदि सख्त नियम नहीं बनते, तो कम से कम निर्माताओं और डीलरों के लिए कड़े सुरक्षा मानक तय किए जाने चाहिए ताकि ऐसी खामियों को दूर किया जा सके."

बड़ा सवाल: क्या ईवी सुरक्षा पीछे छूट रही है?
बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स का उपयोग आमतौर पर बैटरी की स्थिति, चार्जिंग, वोल्टेज और तापमान की निगरानी के लिए किया जाता है. कुछ सिस्टम अधिकृत उपयोगकर्ताओं को दूर से बैटरी के कुछ कार्य नियंत्रित करने की सुविधा भी देते हैं.
हालांकि BAT-BMS ऐप में अब पासवर्ड सुरक्षा दिखाई दे रही है, लेकिन NDTV के रियलिटी चेक से संकेत मिलता है कि समस्या केवल एक ऐप तक सीमित नहीं है. ऐसे में भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और कनेक्टेड टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बड़ा सवाल यह है कि क्या साइबर सुरक्षा उपाय भी उतनी ही तेजी से विकसित हो रहे हैं, जितनी तेजी से ईवी सेक्टर आगे बढ़ रहा है.
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