सड़क पर दौड़ती टिर्रियां, सरकार का एक मैंडेट, एक चाइनीज ऐप और सड़क पर कुछ मनचले प्रैंकस्टर्स युवा... वीडियो रिकॉर्ड की जा रही है. लड़का बोलता है- अभी टिर्रीवाले का मजा लेता हूं. फिर मोबाइल निकाल कर स्क्रीन टच करता है और बगल से गुजर रहा ई-रिक्शा रुक जाता है. लड़का दांत निपोड़ता है. उसके 2-4 साथी हंसते हैं. और बेचारा मेहनतकश मजदूर परेशान. मीटर चालू, चाबी ऑन पर बैटरी गॉन! रिक्शा हिलता तक नहीं. और फिर वो अपने रिक्शे को धक्का देते हुए जाने लगता है.
पिछले 2 दिन में मोबाइल में फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर रील स्क्रॉल करते हुए ऐसे किसी वीडियो से शायद आपकी नजरें जरूर गुजरी होगी. फिर कुछ और भी वीडियो से आप गुजरे होंगे, जिनमें रिक्शावाला रोता, गिड़गिड़ाता नजर आता है और 2-3 किलोमीटर से रिक्शे को धक्का देते हुए लाने का दर्द बताता है. पहली वीडियो भले ही कई लोगों को मजेदार लगी हो, लेकिन दूसरी वीडियो देखकर उन्हें भी तरस आता होगा.
ये देखिए जरा, पहली वीडियो (दूसरी वीडियो आपको नीचे दिखेगी)
Chinese app BAT-BMS sparks panic by remotely shutting off e-rickshaws & scooters via Bluetooth on their batteries.💀 pic.twitter.com/oeyG2haBqN
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) July 1, 2026
रियलिटी चेक: 10 पर ट्राई, 5 कनेक्ट हुए, 2 पर असर
NDTV इंडिया ने भी ये रील देखी और ग्राउंड पर इसका रियलिटी चेक किया. हमने अपने मोबाइल में चाइनीज ऐप इंस्टॉल किया और पहुंच गए दिल्ली-नोएडा के बॉर्डर पर. नोएडा सेक्टर 14 से सटे, न्यू अशोक नगर. चंपारण मीट हाउस से रेडटेप के शोरूम के बीच करीब 40-42 मिनट तक रुककर हमने 10 के करीब ई-रिक्शा पर ऐसा करने की कोशिश की.

10 में से 5 ई-रिक्शा तक चाइनीज ऐप से ब्लूटुथ के जरिये पहुंचने में हम कामयाब हुए. इनमें से 1 ई-रिक्शा फिर कनेक्ट ही नहीं हो पाया, 2 हुए भी तो पासवर्ड मांगने लगा, जबकि 2 ई-रिक्शा पर इस ऐप का कंट्रोल दिखा. हमने ऐप पर क्लिक किया और ई-रिक्शा आगे बढ़ नहीं पाया. हमने पाया कि ये चाइनीज ऐप वाकई काफी हद तक रिक्शे की रफ्तार रोक दे रहा है. बल्कि पूरा सिस्टम ही हैंग कर दे रहा है.
(यहां हम स्पष्ट कर दें कि हमारी मंशा किसी को परेशान करने की नहीं थी. सो हमने तुरंत अपना परिचय देकर ई-रिक्शा चालक को पूरी बात बता दी.)
आपकी ही तरह हमारे भी मन में ये सवाल कौंधा- ऐसे तो कोई भी जहां-तहां किसी का ई-रिक्शा रोक सकता है, ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है और सबसे बढ़कर ये कि कोई रिक्शाचालक किस हद तक परेशान हो सकता है.
ये रही दूसरी वीडियो
A poor e rickshaw driver was forced to push his vehicle nearly 3 km after someone remotely disabled it using a Chinese app, leaving him exhausted, helpless, and without a day's earnings.
— Tehxi (@yajnshri) July 1, 2026
Nowadays, Many Chapri social media creators doing such pranks to harass poor drivers. pic.twitter.com/v3S7JDdt6E
आखिर क्या है ये बला और कैसे काम करता है?
हमने इसको लेकर एक टेक एक्सपर्ट से बात की. उन्होंने बताया कि जिस BAT-BMS ऐप के जरिए ये पूरा खेल हो रहा है, उसे चीन की कंपनी 'शेनझेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी' (Shenzhen Grenergy Technology) ने बनाया है. पूरी तकनीक ई-रिक्शा में लगी मॉडर्न लिथियम-आयन बैटरी और उसके सॉफ्टवेयर की है.
ई-रिक्शे की आधुनिक बैटरियों में एक सिस्टम लगा होता है जिसे BMS (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) कहते हैं, इस सिस्टम से बैटरी के तापमान, वोल्टेज और करंट पर नजर रखी जाती है, उसे मॉनीटर किया जाता है. इसी BMS के अंदर कंपनियां BLE यानी ब्लूटूथ लो एनर्जी और टेलीमैटिक्स सिस्टम (SIM and GPS) लगाती हैं, ताकि बैटरी की सेहत दूर से भी जांची जा सके.
केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक, 31 मार्च 2023 से ही इलेक्ट्रिक वाहनों में सेफ्टी के लिए ऐसे सिस्टम मैनडेटरी कर दिए गए हैं. ये चाइनीज ऐप, ब्लूटूथ के जरिए करीब 15 मीटर की रेंज तक मौजूद ई-रिक्शे की बैटरी से कनेक्ट हो जाती है.

सेफ्टी फीचर है या परेशानी का घर?
अब सवाल है कि ये सेफ्टी फीचर है, तो कोई भी राह चलता आदमी इसे बंद कैसे कर दे रहा. टेक एक्सपर्ट ने हमें बताया कि ई-रिक्शे में इस्तेमाल होने वाली जो बैटरीज, चीन से इम्पोर्ट हो रही हैं, उनमें ब्लूटूथ कनेक्टिविटी बाय-डिफॉल्ट ऑन रहती है. इन बैटरीज को भारतीय कंपनियां, सप्लायर्स या डीलर्स पासवर्ड से लॉक या कॉन्फिगर ही नहीं करते.
अब चूंकि ज्यादातर रिक्शे फाइनेंस पर बिकते हैं, इसलिए कंपनियां इन बैटरीज में दूर से बंद करने का 'किल स्विच' देती हैं ताकि किस्त न चुकाए जाने पर रिक्शा लॉक किया जा सके. टेक एक्सपर्ट ने बताया कि मौजूदा केसेस जो सामने आ रहे हैं, उनमें या तो चाइनीज कंपनी का सिस्टम हैक हुआ है, या फिर पासवर्ड से प्रोटेक्ट न होने की वजह से ये ऐप सीधे बैटरी को एक्सेस कर उसकी पावर सप्लाई कट कर दे रही है. जिससे मोटर तक करंट जाना बंद हो जाता है और ई-रिक्शा वहीं खड़ा हो जाता है.
ई-स्कूटी भी हो जा रही बंद?
Are yeh scooty ,e rikshaw mobile app se band ho rahein hai sahi hai kya ⁉️⁉️
— New India voice🔥💪🇮🇳 (@Strongindia28) July 2, 2026
First it was battery rickshaws getting mysteriously stopped on busy roads, and now electric scooters are joining the chaos!
The viral BAT-BMS app is reportedly being misused to connect via Bluetooth… pic.twitter.com/QoH8rb9AqD
अपने रिक्शे, गाड़ी को चाइनीज ऐप से कैसे बचाएं?
अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर कि क्या कोई भी राह चलता आदमी ऐसे ही ई-रिक्शा बंद कर देगा, या इलेक्ट्रिक स्कूटर या आपकी इलेक्ट्रिक कार बंद कर देगा. नहीं. ऐसा हर परिस्थिति में संभव नहीं.
एक्सपर्ट ने बताया कि 100 में 40-45 ई-रिक्शा ऐसे हैं जो आज भी पुरानी लीड-एसिड बैटरी पर चल रहे हैं. इनमें कोई ब्लूटूथ होता है और न ही कोई BMS. तभी हमने जब ग्राउंड पर जाकर कई ई-रिक्शा को इस ऐप से कनेक्ट करने की कोशिश की, तो कुछ ई-रिक्शा को कनेक्ट नहीं कर पाए. ई-रिक्शा चालक अपने वाहन को पासवर्ड प्रोटेक्टेड रख सकते हैं.
रही बात ई-स्कूटर और कार की तो, एथर, ओला जैस टू-व्हीलर कंपनियां और टाटा जैसे EV मेकर्स अपने वाहनों की बैटरीज की सॉफ्टवेयर-सेफ्टी का पूरा खयाल रखते हैं. उन्हें किस चाइनीज ऐप से एक्सेस नहीं किया जा सकता.
ये भी पढ़ें: सैलरी चाहे 2 लाख, PF कंट्रीब्यूशन 1,800 ही अनिवार्य! नौकरीपेशा लोगों के लिए क्या कुछ बदला
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं