पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया है, जिनसे इस साल उत्सव का स्वरूप बदलता नजर आ रहा है. करीब 15 वर्षों से चली आ रही बड़ी पूजा समितियों को सरकारी अनुदान देने की परंपरा समाप्त करने के साथ ही अष्टमी के दिन ड्राई डे घोषित करने का फैसला भी लिया गया है. इसके अलावा पूजा और विसर्जन के दौरान डीजे संगीत पर रोक, सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध न करने जैसे दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. मुख्यमंत्री का कहना है कि धार्मिक आयोजनों को अनुशासन और नियमों के साथ संपन्न कराया जाएगा.
बड़ी पूजा समितियों को नहीं मिलेगा सरकारी अनुदान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बड़ी बजट वाली दुर्गा पूजा समितियों को अब आर्थिक सहायता नहीं देगी. उन्होंने कहा, ‘मैंने कहा था कि राज्य बड़ी दुर्गा पूजाओं के लिए अनुदान नहीं देगा. बड़ी बजट वाली पूजा समितियां कृपया सरकारी सहायता न लें. इसके लिए मैं आपको अलग से धन्यवाद दूंगा.' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिन पूजा समितियों के लिए आर्थिक सहायता के बिना आयोजन संभव नहीं है, उन्हें एक-एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी. इसके लिए जांच और मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
अष्टमी पर रहेगा ड्राई डे
दुर्गा पूजा के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में शामिल महाअष्टमी पर ड्राई डे लागू किया जाएगा. यह फैसला आम लोगों और व्यवसायों पर भी असर डाल सकता है. इसके साथ ही सरकार ने पूजा और विसर्जन के दौरान डीजे संगीत पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है.
ट्रैफिक और सड़कों को लेकर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों के लिए कई प्रशासनिक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं. उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय राजमार्गों को पूजा के लिए अवरुद्ध नहीं किया जा सकता. कोलकाता में 14 सड़कों को पूजा के लिए बंद नहीं किया जा सकता. पूजा या विसर्जन दिवस पर डीजे संगीत की अनुमति नहीं होगी.' उन्होंने सभी पूजा समितियों से इन निर्देशों का पालन करने की अपील भी की.
बिजली और फायर लाइसेंस मुफ्त
हालांकि सरकार ने कुछ राहत भी दी है. पूजा समितियों को बिजली शुल्क नहीं देना होगा और फायर लाइसेंस भी निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि इससे समितियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा.
कार्निवल की जगह होगा महालया कार्यक्रम
शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार की दुर्गा पूजा समारोहों से जुड़ी परंपरा में भी बदलाव की घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘इसके बजाय हम महालया पर ईडन गार्डन्स में सबसे बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे. इसमें ड्रोन, आतिशबाजी होगी और पूरा कार्यक्रम चार घंटे का होगा. हम रोड शो भी करेंगे.' उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे.
विज्ञापन विवाद पर मांगी माफी
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब महालया समारोह से जुड़े एक विज्ञापन को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना हो रही है. विज्ञापन में 11 हाथों वाली देवी की प्रतिमा का चित्र दिखाए जाने पर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस ने सरकार पर देवी और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं को हल्का दिखाने का आरोप लगाया है. वहीं शुभेंदु अधिकारी ने पूजा समितियों के साथ बैठक की शुरुआत इसी मुद्दे पर माफी मांगते हुए की.
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