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This Article is From Jul 14, 2023

Delhi Flood: क्या है हथिनी कुंड बैराज? जिसकी वजह से दिल्ली में हुए बाढ़ के हालात, जानें यहां

Delhi Flood Update: हथिनी कुंड बैराज से सामान्य तौर पर 8 जुलाई दोपहर 3:00 बजे तक 352 क्यूसेक के हिसाब से पानी छोड़ा जा रहा था .लेकिन इसके बाद अचानक बरसात के चलते बैराज पर यमुना का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ तो पानी छोड़े जाने की रफ्तार भी बढ़ गई.

Delhi Flood: क्या है हथिनी कुंड बैराज? जिसकी वजह से दिल्ली में हुए बाढ़ के हालात, जानें यहां
हथिनी कुंड बैराज से
Hathni kund Barrage :नियम के मुताबिक, 1 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति को 'बाढ़' माना जाता है.
नई दिल्ली:

दिल्ली में यमुना में जब से बाढ़ आई है, तब से एक नाम सबसे ज्यादा सुना जा रहा है या आरोपों का सामना कर रहा है वो है हरियाणा का हथिनी कुंड बैराज. कहा जा रहा इस बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया, जिसकी वजह से आज दिल्ली में बाढ़ के हालात बने. NDTV की टीम ने हथिनी कुंड बैराज पहुंचकर मामला समझने की कोशिश की.

यमुना का जलस्तर बढ़ने से पानी छोड़े जाने की रफ्तार बढ़ी

हथिनी कुंड बैराज से सामान्य तौर पर 352 क्यूसेक पानी प्रति घंटे छोड़ा जाता है. 8 जुलाई दोपहर 3:00 बजे तक 352 क्यूसेक के हिसाब से पानी छोड़ा जा रहा था .लेकिन इसके बाद अचानक बरसात के चलते बैराज पर यमुना का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ तो पानी छोड़े जाने की रफ्तार भी बढ़ गई. नियम के मुताबिक, 1 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति को 'बाढ़' माना जाता है.

लगातार 1 लाख क्यूसेक के हिसाब से प्रति घंटे पानी छोड़ा गया

9 जुलाई को शाम 4 बजे 1,11,060 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना शुरू हुआ और बाढ़ घोषित हो गई. इसके बाद लगातार प्रति घंटे जहां सामान्य तौर पर 352 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था. वहीं लगातार 1 लाख क्यूसेक के हिसाब से प्रति घंटे पानी छोड़ा जाता रहा .11 जुलाई को सुबह 11 बजे सबसे ज्यादा 3,59,769 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.

9 जुलाई शाम 4:00 बजे हथिनी कुंड बैराज पर बाढ़ की स्थिति घोषित हुई थी, 96 घंटे बाद गुरुवार 13 जुलाई शाम 4:00 बजे 1 लाख से से कम 88,329 क्यूसेक पानी जब छोड़ा गया तो बाढ़ की स्थिति खत्म मानी गई. इसके बाद शुक्रवार 14 जुलाई सुबह 10:00 बजे हथिनी कुंड बैराज से 52,042 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.पहले के मुकाबले स्थिति में काफी सुधार हो गया है, लेकिन सामान्य से अभी भी काफी ज़्यादा पानी हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़ा जा रहा है.

क्या है हथनी कुंड बैराज? 

हथनी कुंड बैराज हरियाणा के यमुनानगर जिले में यमुना नदी के ऊपर बनाया गया है. ये बराज 1999 में बनकर तैयार हुआ था. इस बैराज के जरिए पानी को 3 दिशाओं में निकाला जाता है.

1. ईस्टर्न यमुना कैनाल- इस नहर के जरिए पानी यूपी की तरफ डायवर्ट किया जाता है, ताकि किसानों को सिंचाई आदि के लिए पानी उपलब्ध हो सके.
2. वेस्टर्न यमुना कैनाल- इस नहर के जरिए पानी हरियाणा की तरफ डायवर्ट किया जाता है, ताकि किसान सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर सकें और फिर यही पानी दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ करके पीने योग्य बनाया जाता है और सप्लाई किया जाता है.
3. यमुना नदी- दोनों नहरों में जरूरत का पानी छोड़ कर जो पानी बचता है, वह मुख्य नदी में छोड़ दिया जाता है.

 कहां है हथनी कुंड बैराज? 

हथिनी कुंड बैराज हरियाणा के यमुनानगर ज़िले और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बॉर्डर पर स्थित है.इसका नियंत्रण पूर्ण रूप से हरियाणा के पास है.

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