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This Article is From Jul 28, 2025

राजस्थान-महाराष्ट्र में नशे के नेटवर्क का पर्दाफाश, NCB और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई लैब्स का भंडाफोड़

लैब से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क का एक और सदस्य महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले का रहने वाला है, जिसने लैब के लिए केमिकल और उपकरण पहुंचाए थे.

राजस्थान-महाराष्ट्र में नशे के नेटवर्क का पर्दाफाश, NCB और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई लैब्स का भंडाफोड़
  • NCB, राजस्थान और महाराष्ट्र पुलिस ने बाड़मेर में एक गोपनीय सिंथेटिक ड्रग लैब का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया
  • लैब में मेफेड्रोन बनाने के लिए खतरनाक केमिकल्स और उपकरण बरामद हुए, जिसमें क्लोरोफॉर्म और टोल्यून शामिल थे
  • महाराष्ट्र के रायगढ़ के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद “रोहन केमिकल्स” बंद फैक्ट्री से केटामाइन की बड़ी खेप मिली
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नई दिल्ली:

NCB, राजस्थान और महाराष्ट्र पुलिस ने 22-23 जुलाई को एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई में सिंथेटिक ड्रग बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस ऑपरेशन की शुरुआत राजस्थान के बाड़मेर जिले के ढोलाकिया गांव में हुई, जहां पुलिस को एक गोपनीय लैब के बारे में जानकारी मिली. ये लैब गांव के एक भैंसों के तबेले में बनाई गई थी, जहां मेफेड्रोन नामक ड्रग बनाने के लिए बड़ी मात्रा में खतरनाक केमिकल्स जैसे क्लोरोफॉर्म, अमोनियम क्लोराइड, टोल्यून, ब्रोमीन व अन्य रसायन बरामद हुए.

महाराष्ट्र कनेक्शन भी सामने आया

लैब से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क का एक और सदस्य महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले का रहने वाला है, जिसने लैब के लिए केमिकल और उपकरण पहुंचाए थे. NCB ने तुरंत यह जानकारी रायगढ़ पुलिस को दी और वहां से इस आरोपी को हिरासत में लिया गया.

बंद फैक्ट्री से केटामाइन की बड़ी खेप बरामद

पूछताछ के बाद NCB मुंबई और रायगढ़ पुलिस की टीम ने रायगढ़ के महाड़ इलाके में स्थित “रोहन केमिकल्स” नाम की एक बंद फैक्ट्री पर छापा मारा. यहां से करीब 34 किलो पाउडर के रूप में और 12 लीटर लिक्विड फॉर्म में केटामाइन बरामद किया गया. इसके अलावा वही खतरनाक केमिकल्स और लैब उपकरण भी मिले, जिनसे केटामाइन तैयार किया जा रहा था.

पुराने मामलों से जुड़ा मास्टरमाइंड

जांच में यह भी पता चला कि इस नेटवर्क के पीछे एक मास्टरमाइंड है, जो पहले भी DRI और NCB के पुराने नशा तस्करी मामलों में शामिल रह चुका है.

लगातार दो दिन की संयुक्त कार्रवाई

इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने में राजस्थान की बाड़मेर पुलिस, महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस और NCB की जोधपुर, मुंबई और अहमदाबाद यूनिट्स ने मिलकर दिन-रात काम किया और दो दिनों में इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर डाला.

पहले भी पकड़ी गई थी लैब, टीचर निकले थे आरोपी

NCB जोधपुर ने इससे पहले भी श्रीगंगानगर में एक लैब पकड़ी थी, जहां से 5 किलो मेफेड्रोन और रसायन बरामद हुए थे. उस मामले में भौतिक और रसायन शास्त्र पढ़ाने वाले शिक्षक आरोपी निकले थे. NCB ने अब राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को ऐसे क्लैंडेस्टाइन लैब्स की पहचान करने के लिए "रेड फ्लैग इंडिकेटर्स" यानी संदेह के संकेत भी साझा कर दिए हैं.

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