दिल्ली में FCC साउथ एशिया कार्यक्रम में वर्चुअल तौर से पहली बार बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपना संबोधन दिया. वे खुद सामने तो नहीं आईं, लेकिन दुनिया ने ऑडियो स्पीच जरूर सुनी. कार्यक्रम में एनडीटीवी के संवाददाता आदित्य राज कॉल ने शेख हसीना से सवाल किया कि क्या वे किसी दूसरे फ्रेंडली नेशन से मध्यस्थता की उम्मीद करती हैं, जब बांग्लादेश की सरकार के साथ बातचीत बंद है, उनकी स्पीच दिखाई नहीं जा सकती, ऐसे में उनकी क्या रणनीति है.
इस सवाल पर शेख हसीना ने सबसे पहसे भारत का जिक्र किया. उन्होंने जोर देकर बोला कि भारत हमारा एक अच्छा दोस्त है. जब भी मुश्किल स्थिति आई है, भारत हमेशा मजबूती से खड़ा हुआ है. 1971,1975 में ऐसा हुआ, एक बार फिर भारत साथ है.
भावुक हो गईं शेख हसीना
ऑडियो स्पीच के दौरान शेख हसीना कई मौकों पर भावुक भी नजर आईं. उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों से मैंने अपने प्यारे बांग्लादेश को पीड़ित होते देखा है. यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था, यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था.
"Thank India for shelter": Ex-Bangladesh PM Sheikh Hasina to NDTV's @AdityaRajKaul pic.twitter.com/yEGhR3NKid
— NDTV (@ndtv) August 5, 2026
पूर्व पीएम ने आगे कहा कि मेरे खिलाफ 600 से ज्यादा केस फाइल किए गए हैं. सतरुली स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन यूथ लीग, जो उससे जुड़ा ऑर्गनाइज़ेशन है की महिला एक्टिविस्ट को कस्टडी में गाली-गलौज, बेइज्जती और टॉर्चर का सामना करना पड़ रहा है. कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की जेल में मौत भी हो चुकी है, जहां टॉर्चर, मेडिकल ट्रीटमेंट से मना करने और मर्डर केस में गिरफ्तार या आरोपी लोगों के मेडिकल ट्रीटमेंट से वंचित होने की बातें लिखी हुई हैं. लिबरेशन वॉर की भावना के लिए खड़ा कोई भी सुरक्षित नहीं है. हमारे लिबरेशन वॉर के निशान और यादगारों को तबाह कर दिया गया है. आजादी के लड़ाकों को जूतों की माला पहनाकर बेइज्जत किया गया है. बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान का ऐतिहासिक घर बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम को गिरा दिया गया.
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