बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक तौर से सामने आने की तैयारी में हैं. वह भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित 'फॉरेन कॉरस्पॉडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया' (FCC) में एक कार्यक्रम को संबोधित करने वाली हैं.
बांग्लादेश की सत्ता से बेदखल होने के ठीक दो साल बाद हो रहे इस आयोजन ने ढाका के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है. इस पूरे वाकये पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है और साफ कहा है कि किसी 'भगोड़े अपराधी' के बयानों की वजह से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में मिठास की जगह खटास नहीं आनी चाहिए.
'हमारा ध्यान सिर्फ एक भगोड़े के बयान पर नहीं': बांग्लादेश सरकार
ढाका में पत्रकारों से बात करते हुए बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शामा ओबायद इस्लाम ने सरकार का बताया है. उन्होंने कहा कि शेख हसीना बांग्लादेश में एक प्रतिबंधित संगठन की प्रमुख हैं और उन्हें अदालत की तरफ गंभीर अपराधों में सजा सुनाई जा चुकी है.
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या बांग्लादेश इस कार्यक्रम पर भारत के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराएगा, तो उन्होंने कहा, "हम किस पर आपत्ति जताएं? वह एक प्रतिबंधित संगठन की प्रमुख हैं और कई अपराधों के लिए दोषी ठहराई जा चुकी हैं. बांग्लादेश सरकार अपना समय यह जवाब देने में नहीं गंवा सकती कि वह क्या कर रही हैं या क्या बोल रही हैं."
'भारत को तय करना होगा'
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री ने भारत सरकार से इस मामले पर रुख साफ करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने हाल ही में बयान दिया था कि वे किसी भगोड़े अपराधी द्वारा राजनीतिक गतिविधियों या बयानबाजी का समर्थन नहीं करते हैं.
शामा ओबायद ने कहा, "यह कार्यक्रम भारत सरकार की तरफ से आयोजित नहीं किया गया है, लेकिन यह भारत की धरती पर हो रहा है. इसलिए भारत को यह स्पष्ट करना होगा कि क्या वे इस ऑनलाइन मीटिंग का समर्थन कर रहे हैं या नहीं. अगर आवश्यकता पड़ी, तो बांग्लादेश सरकार भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के संपर्क में भी आएगी."
रिश्तों में सुधार की कोशिशें न हों खराब
बांग्लादेश सरकार का कहना है कि चुनाव के बाद जनता के जनादेश से बनी बीएनपी (BNP) सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है.
विदेश राज्य मंत्री ने हाल ही में बांग्लादेश में नियुक्त नए भारतीय उच्चायुक्त के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा, "हमारी भारतीय उच्चायुक्त के साथ बहुत ही सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बातचीत हुई है. हम एक दूरदर्शी सोच के साथ भारत के साथ आगे बढ़ रहे हैं. हम नहीं चाहते कि अवामी लीग के भगोड़े नेता या शेख हसीना भारत में बैठकर जो साजिशें रच रहे हैं और बयानबाजी कर रहे हैं, उससे दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते प्रभावित हों. मुझे पूरा विश्वास है कि भारत भी ऐसा नहीं चाहेगा."
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